पटना, 10 फरवरी। बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में मंगलवार को विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान जमकर गर्माहट देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर नोकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इस दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए सभापति अवधेश नारायण सिंह ने मंगलवार के लिए विपक्षी सदस्यों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकलवा दिया। दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के बयान को लेकर माफी मांगने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच, राजद के सुनील सिंह और जदयू के नेता और मंत्री अशोक चौधरी के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि व्यक्तिगत और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल होने लगा। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए सभापति ने विपक्षी सदस्यों को एक दिन के लिए निष्कासित कर दिया।
सदन से बाहर निकलने के बाद राजद एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी को लेकर कहा कि रोड छाप टपोरी का भी वैसा एक्ट नहीं होता जैसा उन्होंने किया है। जिस तरह से हमलों को भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, अगर माइक ऑन होता तो लोग सुन सकते थे। इसी के प्रत्युत्तर में हम लोगों ने भी एक्ट किया। इसके बाद हम लोगों को एक दिन के लिए निकाल दिया गया। इसका सीधा अर्थ है हमारी संख्या कम होने का सत्तारूढ़ पार्टी बेजा फायदा उठा रही है। सत्ता पक्ष अपने गिरेबान में झांककर नहीं देख रहा है।
इधर, नोकझोंक के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने सदन में सभापति के आदेश को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि सदन में सभापति का नियमन आ गया तो उससे बड़ा कुछ नहीं है। उन्होंने सुनील सिंह पर गाली देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग लड़ना चाहते थे। इसका मतलब राजद सिर्फ दलित का अपमान करना चाहती है।