मणिपुर में नागा-कुकी हिंसा फिर सुलगी: उखरूल में घरों में आगजनी, 5 दिनों के लिए इंटरनेट बंद

मणिपुर के उखरूल में नागा-कुकी हिंसा के बाद 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद


इंफाल, 10 फरवरी। मणिपुर के उखरूल जिले में नागा और कुकी समुदायों के बीच ताजा हिंसा के बाद राज्य सरकार ने पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, उखरूल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में गोलीबारी और आगजनी की नई घटनाएं सामने आई हैं। यह घटनाएं उस समय हुईं, जब एक दिन पहले दो तंगखुल नागा संगठनों ने उखरूल और पड़ोसी कामजोंग जिलों में कुकी समुदाय के लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियारबंद बदमाशों ने गांव में आठ से अधिक मकानों में आग लगा दी, जो अधिकतर खाली पड़े थे और कई राउंड गोलियां चलाईं। बीते 48 घंटों में गांव में 30 से अधिक घर और अन्य संपत्तियां जलकर खाक हो चुकी हैं। यह हिंसा कथित तौर पर कुकी समुदाय के लोगों द्वारा तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर हमले के बाद भड़की।

पुलिस ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि हालात को काबू में करने के प्रयास जारी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों समेत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में आयुक्त-सह-सचिव (गृह) एन. अशोक कुमार ने कहा कि उखरूल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद नाजुक है और आशंका है कि असामाजिक तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भड़काऊ तस्वीरें, वीडियो और पोस्ट फैलाकर स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं।

इसी को देखते हुए सरकार ने ब्रॉडबैंड, वीपीएन और वी-सैट समेत सभी इंटरनेट और डेटा सेवाओं को पांच दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया है।

मणिपुर पुलिस ने बताया कि लितान सरेइखोंग के आसपास के गांवों में सोमवार रात कुछ मकानों को शरारती तत्वों ने आग के हवाले कर दिया। हिंसा को फैलने से रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

हालांकि स्थिति अभी तनावपूर्ण है, लेकिन इसे काफी हद तक नियंत्रण में लाया गया है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई के लिए लितान पुलिस स्टेशन में एक संयुक्त कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं।

इस बीच विपक्षी कांग्रेस ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि उखरूल जिले के लितान गांव में दो समुदायों के बीच हिंसा बेहद चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, “जब शांति और आपसी समझ की सबसे ज्यादा जरूरत है, ऐसे समय में हिंसा समाज को डर और अनिश्चितता की ओर धकेल रही है।”

मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि नई सरकार बनने के बावजूद मणिपुर में हिंसा का जारी रहना शर्मनाक और चिंताजनक है। उन्होंने आगजनी की घटनाओं को हालात की नाजुकता का प्रतीक बताया और सरकार से शांति बहाल करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की अपील की।

बता दें कि रविवार शाम और रात को लितान गांव में नागा और कुकी जनजातीय समूहों के बीच जमकर पथराव हुआ था, जिसके बाद जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। सुरक्षा बलों को हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

उखरूल के जिलाधिकारी आशीष दास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।

मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसीई डिखो, जो स्वयं नागा समुदाय से हैं, रविवार से ही प्रभावित इलाके में डटे हुए हैं और स्थानीय लोगों से बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। तंगखुल मणिपुर का सबसे बड़ा नागा समुदाय है, जबकि लितान सरेइखोंग गांव में कुकी समुदाय की आबादी अधिक है।
 

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