जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहनीय पहल, दूरदराज मलिक-पुर गांव के बच्चों को स्कूल किट बांटकर जगाई शिक्षा की अलख

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सीएपी के तहत मलिक-पुर गांव में जरूरतमंद छात्रों को स्कूल किट और स्टेशनरी वितरित की


जम्मू, 6 फरवरी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने सिविक एक्शन प्रोग्राम (सीएपी) के तहत सामुदायिक सेवा और शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। शुक्रवार को मीरां साहिब पुलिस स्टेशन के इलाके में स्थित दूरदराज गांव मलिक-पुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में एक कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जरूरतमंद छात्रों को स्कूल बैग, नोटबुक, पेन, पेंसिल और अन्य स्टेशनरी आइटम्स सहित पूर्ण स्कूल किट वितरित की गईं।

यह पहल जम्मू जिले में पुलिस की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है, जहां अधिकारी न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखते हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और कल्याण के लिए सक्रिय योगदान भी देते हैं। कार्यक्रम में एसपी हेडक्वार्टर जम्मू इरशाद एच. राथर-जेकेपीएस, एसडीपीओ आर.एस. पुरा श्री गुरमीत सिंह-जेकेपीएस और एसएचओ मीरां साहिब इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने छात्रों से सीधे बातचीत की और उन्हें पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने, नियमित स्कूल आने और एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज जैसे खेल, कला और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि शिक्षा ही भविष्य का आधार है और गरीबी या आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई जारी रखना जरूरी है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से गरीब और जरूरतमंद छात्रों के कल्याण के लिए लगातार सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह कार्यक्रम सीएपी के अंतर्गत आता है, जिसके तहत पुलिस विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल किट, खेल सामग्री, पुस्तकें, फर्नीचर और अन्य सहायता वितरित करती है, खासकर सीमावर्ती और पिछड़े गांवों में जहां संसाधनों की कमी होती है।

कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय समुदाय, माता-पिता और स्कूल शिक्षकों ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी मदद से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है। माता-पिता ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रयासों के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां जारी रहेंगी।

मीरां साहिब और आसपास के इलाकों में यह कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच विश्वास बढ़ाने का माध्यम साबित हुआ। जम्मू-कश्मीर पुलिस का सीएपी कार्यक्रम न केवल सुरक्षा बल्कि सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे प्रयासों से ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने और समाज में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ती है। पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में अन्य गांवों और स्कूलों में भी इसी तरह के आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
 

Similar threads

Forum statistics

Threads
4,428
Messages
4,460
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top