जम्मू, 6 फरवरी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीण कुमार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक जीपी सिंह और अन्य वरिष्ठ सैन्य, पुलिस, नागरिक और खुफिया अधिकारी लोक भवन में आयोजित बैठक में उपस्थित थे।
पिछले दो हफ्तों में जम्मू क्षेत्र के कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में लगभग एक दर्जन मुठभेड़ों के बाद जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े चार कट्टर पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों को मार गिराने वाले तेज आतंकवाद विरोधी अभियानों के बीच शीर्ष स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक महीने के भीतर यह दूसरी सुरक्षा समीक्षा बैठक है। 8 जनवरी को उन्होंने दिल्ली में इसी तरह की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और आतंकी ढांचे और वित्तपोषण को निशाना बनाते हुए आतंकवाद विरोधी अभियानों को 'मिशन मोड' में जारी रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जम्मू और कश्मीर को जल्द से जल्द आतंकवाद मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक गृह मंत्री शाह के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर से लौटने के तुरंत बाद शुरू हुई, जहां उन्होंने सीमा चौकियों का दौरा किया और बीएसएफ कर्मियों को संबोधित किया।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों और घुसपैठ रोधी ग्रिड की समीक्षा की गई, साथ ही सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए उठाए गए उपायों पर भी चर्चा हुई।