चंडीगढ़, 4 फरवरी (आईएएनएस) पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत-जी-राम-जी योजना के माध्यम से गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों की गारंटी दी है।
खरड़ में विकसित भारत-जी-राम-जी योजना के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करती है, लेकिन पंजाब सरकार केवल झूठे दावे कर रही है।
उन्होंने कहा कि जी-राम-जी प्रणाली के लागू होने से भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार हुआ है, क्योंकि अब मजदूरी सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। मोदी सरकार ने मनरेगा में मूलभूत सुधार किए हैं, जिसमें कार्यदिवसों की संख्या बढ़ाकर 125 करना, सात दिनों के भीतर भुगतान की गारंटी देना और सात दिनों से अधिक विलंब होने पर राशि के साथ ब्याज का प्रावधान करना शामिल है। इसके अलावा, अगर श्रमिकों को 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि ये सभी कदम गरीबों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर मनरेगा योजना को वर्षों तक भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने का आरोप लगाया। हजारों भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बावजूद, न तो दोषियों से पैसा बरामद किया गया और न ही किसी को सजा दी गई।
भाजपा नेता शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला गैस योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और मुफ्त अनाज योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार ने गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। आज हर घर में शौचालय, गैस कनेक्शन और पीने का पानी मिल रहा है, जो पहले सिर्फ सपने थे।
उन्होंने कहा कि मान सरकार ने गरीबों के लिए बनी दाल-आटा योजना को बंद करके जनता के साथ विश्वासघात किया, जबकि केंद्र सरकार आज भी प्रधानमंत्री खाद्य योजना के तहत मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जो गलत है।
कानून व्यवस्था पर बोलते हुए शर्मा ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों, जबरन वसूली, गोलीबारी और नशीली दवाओं के दुरुपयोग से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आज पंजाब भय के साये में जी रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार “वास्तव में दिल्ली से चलाई जा रही है और मुख्यमंत्री सिर्फ एक कठपुतली बनकर रह गए हैं।