अगरतला, 4 फरवरी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बुधवार को छात्रों से अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता और मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का सही उद्देश्य समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री साहा ने उनाकोटी जिले के फटिकरॉय विधानसभा क्षेत्र में नवनिर्मित पीएम-श्री हाजीबारी कक्षा 12वीं विद्यालय की दो मंजिला इमारत का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब शिक्षा मूल्यों से निर्देशित होती है, तभी छात्र जिम्मेदार, संवेदनशील और मानवीय नागरिक बन पाते हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुमारघाट के सैदरपार और सरदापल्ली को जोड़ने वाली मनु नदी पर प्रस्तावित नए पुल की आधारशिला भी रखी। 1.26 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल के साथ ही उन्होंने स्कूल परिसर में छठे मिलन मेला-2026 का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग छह से सात हजार लोगों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। उन्होंने बताया कि इससे विशेष रूप से किसानों को फायदा मिलेगा, जो अपनी कृषि उपज को आसानी से कुमारघाट बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
उन्होंने कहा, “इस पुल के बन जाने से कुमारघाट रेलवे स्टेशन तक पहुंच भी बेहतर होगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।”
सीएम साहा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि त्रिपुरा में अपराध दर में उल्लेखनीय कमी आई है और महिलाएं अब रात में भी स्वतंत्र और निडर होकर आवाजाही कर सकती हैं। उन्होंने इसे वास्तविक विकास करार दिया।
शिक्षा क्षेत्र पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली में प्रौद्योगिकी का एकीकरण कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा को अधिक सुलभ और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए वैयक्तिकृत अनुकूली शिक्षण (पीएएल) जैसी पहलों को लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “शिक्षा अंधकार से प्रकाश की ओर का सफर है। हम स्कूलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। त्रिपुरा ने सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों की मौजूदगी के साथ उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति की है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़ाई गई हैं और अंबासा में एक नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा, फोरेंसिक विश्वविद्यालय और विधि विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भी स्थापित किए गए हैं, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
उन्होंने कहा, “शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण के साथ-साथ हम छात्रों में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुधांग्शु दास, युवा मामले और खेल मंत्री टिंकू रॉय, उनाकोटी जिला परिषद के अध्यक्ष अमलेंदु दास, जिला मजिस्ट्रेट तमाल मजूमदार, पुलिस अधीक्षक सुदांबिका आर., कुमारघाट पंचायत समिति की अध्यक्ष सुमति दास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।