राहुल गांधी ने कांशीराम को लेकर क्या कहा? कांग्रेस बोली- 'होते' का मतलब उनके योगदान का सम्मान

कांशीराम पर राहुल गांधी के बयान का कांग्रेस ने किया बचाव, कहा-उनके सामाजिक योगदान का सम्मान


लखनऊ, 14 मार्च। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा बहुजन आंदोलन के प्रमुख नेता कांशीराम को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान उनके सामाजिक योगदान के सम्मान में दिया गया है और इसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा था कि यदि कांशीराम जवाहरलाल नेहरू के समय में होते तो वे किसी राज्य के मुख्यमंत्री होते।

उन्होंने कहा कि ‘बनाना’ और ‘होना’ में फर्क होता है और राहुल गांधी ने ‘होते’ शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका अर्थ यह है कि कांशीराम की अपनी राजनीतिक और सामाजिक ताकत इतनी बड़ी थी कि वे उस समय भी शीर्ष नेतृत्व की भूमिका में आ सकते थे।

उन्होंने कहा कि कांशीराम ने वंचितों, शोषितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह भारतीय राजनीति और समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि कांशीराम एक समाज सुधारक और बहुजन मिशन के बड़े नेता थे और उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंंने कहा कि लंबे समय तक उनकी ताकत और प्रभाव को कम करके आंका गया जबकि राहुल गांधी ने अपने बयान के माध्यम से उनके योगदान और प्रभाव को स्वीकार किया है। उनके मुताबिक इस बयान का स्वागत होना चाहिए, क्योंकि यह सामाजिक न्याय के लिए किए गए कांशीराम के कार्यों को सम्मान देने की भावना से जुड़ा है।

इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी का बयान पूरी तरह सही है। यह कांग्रेस की उदार राजनीतिक सोच को दर्शाता है और सामाजिक न्याय के मुद्दों को आगे बढ़ाने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को भी रेखांकित करता है। मसूद ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से वंचितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की बात करती रही है व उसी परंपरा में राहुल गांधी ने कांशीराम के योगदान को स्वीकार किया है।

इसके अलावा ईरान द्वारा भारतीय ध्वज वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति दिए जाने के दावे पर भी इमरान मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह अनुमति कहां दी गई है और इसका आधिकारिक आदेश कहां है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस तरह की बातें बिना ठोस प्रमाण के लोगों के बीच फैलाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की गलतियों का खामियाजा देश को भुगतना पड़ रहा है। ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है और अतीत में ऐसे अवसर भी रहे हैं जब ईरान ने भारत को उधार में तेल उपलब्ध कराया था।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
16,618
Messages
16,655
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top