पटना, 14 मार्च। भाजपा के नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 12 मार्च को लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताते हुए कहा कि उस दिन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी पार्टी के 20 अन्य सांसदों के साथ जिस तरह से विरोध के नाम पर संसद के मकर द्वार पर पिकनिक मना रहे थे, यह न केवल सदन का अपमान है बल्कि संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन भी है।
गुरु प्रकाश ने बिहार भाजपा कार्यालय में शनिवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निरंतरता से भारत का मान, सम्मान और गौरव बढ़ा रहे हैं, वहीं राहुल गांधी देश में इस तरह का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के उस आचरण से देश स्तब्ध है। बाबा साहेब अंबेडकर को मानने वाले लोग पीड़ित और व्यथित हैं कि आखिर उन्हें कौन सी मजबूरी थी कि संसद के मकर द्वार को पिकनिक स्पॉट बनाया।
उन्होंने कहा, "चुनाव हारे तो चुनाव आयोग दोषी, सुप्रीम कोर्ट में पक्ष में फैसला आए तो ठीक, विपक्ष में फैसला आए तो न्यायालय दोषी। यह सुनियोजित प्लान अटैक है। लगातार संविधान, संवैधानिक संस्थान और संसद का अपमान किया जाता है। राहुल गांधी को इसका जवाब देना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि संसद को लोकतंत्र का मंदिर माना जाता है जहां वाद-विवाद और चर्चा होती है, लेकिन जब ऐसी घटना होती है तो पीड़ा होती है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या राहुल गांधी खुद को कानून और संविधान से ऊपर मानते हैं? उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि लगता है सत्ता से दूर होने के कारण उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्हें लगता है कि सत्ता उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को न लोकतंत्र की चिंता है, न संसद के नियम और कायदे की चिंता है। भारत लोकतंत्र की जननी है, लेकिन विपक्ष के नेता की ऐसी तस्वीरें शर्मसार करती हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों का मानना है कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है और कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी इसे चाय पार्टी का मंच बनाना चाहते हैं। राहुल गांधी और उनके साथियों द्वारा किए गए इस कृत्य से लोकतंत्र की पवित्रता और मर्यादा पर चोट पहुंची है। राहुल गांधी से उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और सदन से माफी मांगने का आग्रह किया।