लखनऊ, 11 मार्च। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को सीएसआई एजुकेशनल सोसाइटी की कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सोसायटी द्वारा संचालित संस्कृति स्कूल की प्रगति और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और विद्यालय को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इस दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि निजी स्कूलों की तुलना में विद्यालय की फीस और परिवहन शुल्क कम रखे जाएं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को यहां शिक्षा का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि स्कूल में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने खेल-कूद और सह-पाठ्य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए फुटबॉल, वॉलीबॉल, स्केटिंग, क्रिकेट, टेबल टेनिस और लॉन टेनिस जैसी खेल गतिविधियों को विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में स्पोर्ट्स वेंडर की व्यवस्था और कैंटीन संचालन को भी व्यवस्थित करने के लिए कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि संस्कृति स्कूल को ऐसा संस्थान बनाया जाए जहां शिक्षा, खेल, संस्कृति, मूल्य शिक्षा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का संतुलित विकास हो, जिससे छात्रों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकसित हो सके। बैठक में सीएसआई एजुकेशनल सोसायटी के समक्ष उपाध्यक्ष एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधि ने संस्कृति स्कूल के निर्माण और विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
बताया गया कि विद्यालय में पांच ब्लॉकों के अंतर्गत 66 कक्षाएं, ऑडिटोरियम, प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा यहां कुल 2640 छात्रों के अध्ययन की क्षमता है। विद्यालय के पास दो बसें भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्कूल में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, एआई लैब और कंप्यूटर लैब की स्थापना की गई है।
पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष प्रवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वर्तमान में लगभग 300 छात्रों ने प्रवेश लिया है।