तिरुवनंतपुरम, 11 मार्च। केरल में एलपीजी सप्लाई की समस्या गंभीर हो गई है। राज्य में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति और वितरण में लगातार रुकावटें आ रही हैं। खासकर कमर्शियल सिलेंडर की रिफिलिंग पूरी तरह बंद हो गई है। यह दिक्कत पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चेन लगभग ठप पड़ गई है।
केरल से राज्यसभा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता बताई है। डॉ. ब्रिटास ने कहा कि केरल में घर-घर एलपीजी पर खाना बनता है। राज्य में शहरीकरण बहुत ज्यादा है, इसलिए लोग रोजाना होटल, रेस्टोरेंट और छोटी खाने की दुकानों पर निर्भर रहते हैं। यहां 20 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर भी काम करते हैं, जो ज्यादातर कमर्शियल खाने-पीने की जगहों से भोजन लेते हैं। अगर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लंबे समय तक रुकी रही तो खाने-पीने की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे सामाजिक और मानवीय संकट पैदा हो सकता है।
इस समस्या का असर सिर्फ घरों तक नहीं, बल्कि अस्पतालों, छात्रावासों और सरकारी कार्यालयों की कैंटीन तक पहुंच रहा है। ये सभी जगहें रोजाना काम के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। डॉ. ब्रिटास ने मंत्री का ध्यान केरल सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री जीआर अनिल की ओर भी दिलाया। उन्होंने भी केंद्र को पत्र लिखकर कमर्शियल एलपीजी रिफिलिंग पर लगी रोक हटाने और सप्लाई सुचारू करने की मांग की थी।
डॉ. जॉन ब्रिटास ने केंद्र से अपील की है कि वह इस स्थिति की तुरंत समीक्षा करे। केरल को बिना किसी रुकावट के एलपीजी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष छूट या अन्य इंतजाम किए जाएं। उनका कहना है कि इससे जरूरी सेवाओं में कोई व्यवधान नहीं आएगा और राज्य के लोगों की खाद्य सुरक्षा तथा रोजमर्रा की जिंदगी सुरक्षित रहेगी।