मुजफ्फरपुर, 10 मार्च। विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार को बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे और पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ में पप्पू सहनी की हत्या करने का आरोप लगाया।
इस दौरान वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात भी की और पप्पू सहनी के परिजनों को न्याय दिलाने का आग्रह किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में वीआईपी के कार्यकर्ता मुजफ्फरपुर पहुंचे और पप्पू सहनी के परिजनों को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में वीआईपी के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने जांच टीम गठित की है, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। आज एक बार फिर सैकड़ों कार्यकर्ता इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने आए हैं।
उन्होंने कहा कि एसएसपी से मुलाकात हुई है। हम लोगों ने उनसे न्याय देने का आग्रह किया है। उनसे कहा गया है कि 30 दिनों के अंदर इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी गलत है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। वह जांच कर सार्वजनिक रूप से इस मामले का खुलासा करें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 30 दिन के बाद भी अगर इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वीआईपी नेता मुकेश सहनी ने साफ किया, "हम लोग किसी स्थिति में यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि जिनकी जवाबदेही जनता की सुरक्षा देने की है, वह फर्जी एनकाउंटर कर हत्या करें।"
उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि एसएसपी ने जो आश्वासन दिया है, उस पर कार्य भी करेंगे। बता दें कि 17 फरवरी को बेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड गिरोह के अपराधी पप्पू सहनी को पकड़ा था। इसी दौरान बदमाश ने फायरिंग की और भागने लगा। बदमाशों की ओर से चलाई गई गोली बेला थाने में तैनात एएसआई विकास कुमार के पेट में जा लगी।
गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। हालांकि, भाग रहे पप्पू साहनी को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया। पप्पू साहनी को बाएं पैर के घुटने पर गोली लगी थी। बाद में उसकी मौत हो गई।