राजकोट, 12 जनवरी। भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच ट्रेड डील पर बातचीत अंतिम चरणों में है और हम अमेरिका के साथ भी द्विपक्षीय ट्रेड डील को लेकर बातचीत कर रहे हैं। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को दिया।
केंद्रीय मंत्री की ओर से यह बयान राजकोट में रीजनल एमएसएमई कॉन्क्लेव के दौरान दिया गया।
गोयल हाल ही में ब्रसेल्स से लौटे हैं, जहां उन्होंने ईयू ट्रेड एंड इकोनॉमिक सिक्योरिटी कमिश्नर मारोस सेफ्कोविक से भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत की थी।
भारत की कोशिश ईयू के साथ होने वाले एफटीए में अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को जीरो ड्यूटी एक्सेस दिलाना है, जिसमें कपड़ा, चमड़ा, परिधान, रत्न और आभूषण और हस्तशिल्प शामिल हैं।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इस बातचीत के दौरान, हमने प्रस्तावित समझौते के मुख्य क्षेत्रों पर चर्चा की। हमने नियम-आधारित ट्रेडिंग फ्रेमवर्क और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो किसानों और एमएसएमई के हितों की रक्षा करती है, साथ ही भारतीय उद्योगों को ग्लोबल सप्लाई चेन में इंटीग्रेट करती है।"
गोयल का बयान ऐसे समय पर आया है जब हाल ही नई दिल्ली में नियुक्त हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं और अगली बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है।
अमेरिकी दूतावास में कार्यभार संभालने के दौरान स्टाफ और पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं।
गोर ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती असली है और भारत एवं अमेरिका का रिश्ता केवल आपसी हितों पर केंद्रित नहीं है, बल्कि बल्कि उच्चतम स्तर पर बने रिश्तों से भी बंधे हुए हैं।"
उन्होंने आगे कहा,"सच्चे मित्र कई मुद्दों पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में आपसी मतभेद को सुलझा ही लेते हैं।"
गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार काफी महत्वपूर्ण है और इसके अलावा दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।