नारायणपुर: नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा 'प्रहार', भारी मात्रा में 'एरो बम' और विस्फोटक का जखीरा बरामद

नारायणपुर: नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का बड़ा 'प्रहार', भारी मात्रा में 'एरो बम' और विस्फोटक का जखीरा बरामद


नारायणपुर (छत्तीसगढ़): बस्तर को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नारायणपुर जिले में चलाए जा रहे 'माड़ बचाओ अभियान' के तहत पुलिस और आईटीबीपी (ITBP) की संयुक्त टीम ने नक्सलियों के हथियार और दवाइयों का एक विशाल जखीरा बरामद किया है।

इस ऑपरेशन की सबसे खास बात यह रही कि सुरक्षाबलों को यह सफलता स्थानीय ग्रामीणों से मिली सटीक सूचना के आधार पर मिली, जो इलाके में बदलते माहौल और पुलिस पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

क्या है पूरा मामला?

अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि 10 जनवरी को कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंडोड़ा (Mandoda) के पास के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में यह ऑपरेशन चलाया गया था।

सुरक्षाबलों को ग्रामीणों से खबर मिली थी कि नक्सलियों ने किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में हथियार छिपा रखे हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) की एक संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

जमीन के नीचे से क्या-क्या मिला?

सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने जो सामान बरामद किया, वह चौंकाने वाला है। नक्सलियों ने हमले की पूरी तैयारी कर रखी थी। बरामद सामान में शामिल हैं:
  • 94 बड़े एरो बम (Arrow Bombs)
  • 70 छोटे एरो बम
  • 3 भरमार बंदूकें (देसी हथियार)
  • 15 लोहे के पाइप (जिनका इस्तेमाल बम बनाने में होता है)
(जानकारी के लिए: 'एरो बम' नक्सलियों का एक देसी जुगाड़ वाला हथियार है। इसे तीर के सिरे पर विस्फोटक बांधकर बनाया जाता है और देसी लॉन्चर से सुरक्षाबलों पर दागा जाता है। घने जंगलों में यह काफी घातक साबित होता है।)

जंगल में चल रहा था 'अस्पताल' भी

हथियारों के अलावा, मौके से भारी मात्रा में दवाइयां भी मिली हैं, जो इशारा करती हैं कि नक्सली जंगल में अपना 'फील्ड हॉस्पिटल' भी चला रहे थे ताकि घायल साथियों का इलाज कर सकें। जब्त दवाइयों में शामिल हैं:
  • सिरिंज और बैंडेज के कई पैकेट
  • ग्लूकोज की बोतलें और विटामिन की गोलियां
  • दर्द निवारक (पेरासिटामोल आदि) और एंटीबायोटिक्स
  • एड्रिनालिन (Adrenaline) और क्रोमोस्टेट इंजेक्शन (खून रोकने के लिए)

बदल रहा है बस्तर: 'नियद नेल्लानार' योजना का असर

अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन 'माड़ बचाओ अभियान' के अंतिम चरण का हिस्सा है। प्रशासन अब सिर्फ ऑपरेशन ही नहीं कर रहा, बल्कि लोगों का दिल भी जीत रहा है।

सरकार की 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत अब अंदरूनी गांवों में बिजली, पानी, सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार ग्रामीणों से मिल रहे हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिला रहे हैं।

यही कारण है कि जो ग्रामीण पहले डरते थे, अब वे खुद आगे आकर पुलिस को नक्सलियों के ठिकाने और हथियारों की जानकारी दे रहे हैं। नारायणपुर में मिली यह सफलता इसी जन-सहयोग का नतीजा है।
 

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