अहमदाबाद, 5 मार्च। अखिल भारतीय कुर्मी पाटीदार महासभा द्वारा अहमदाबाद से आयोजित सरदार एकता यात्रा को हरी झंडी दिखाने के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा सरदार साहेब का सम्मान किया है। उन्होंने 2014 से सरदार साहेब की जयंती को पूरे देश में नेशनल यूनिटी डे के तौर पर मनाने की परंपरा शुरू की है। पीएम मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर आयरन मैन सरदार पटेल को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि दी है।
उन्होंने कहा कि सरदार साहेब की यह विशाल मूर्ति दुनिया भर में भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक बन गई है।
देश की एकता और अखंडता के निर्माता की 150वीं जयंती मनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजाद भारत के पहले डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और होम मिनिस्टर के तौर पर 565 रियासतों को एक करके एक और एकजुट भारत बनाया। प्रधानमंत्री सरदार साहेब के उन्हीं विचारों और मूल्यों को लोगों तक पहुंचाने और उन्हें 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार साहेब की तरह सभी के मन में नेशन फर्स्ट की भावना जगाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री ने गुजरात और मध्य प्रदेश के इलाकों में होने वाली इस यात्रा में सरदार साहेब के जीवन से जुड़ी कीमती चीजों को लोगों के देखने के लिए रखने की योजना बनाने के लिए ऑर्गनाइजर को बधाई दी और कहा कि यह यात्रा लोगों में सरदार साहेब के समर्पण, देशभक्ति और उनकी अटूट एकता की भावना को फिर से जगाएगी।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने लोगों से देश की एकता और अखंडता को मज़बूत करने के लिए समर्पित रहने और स्वदेशी के मंत्र को अपनाने की अपील की। स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर एक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेंगे और एक आत्मनिर्भर भारत बनाएंगे, यही सरदार साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
केपी विद्यार्थी भवन के हेड और यात्रा ऑर्गनाइजर सतीश पटेल ने स्वागत भाषण दिया। पूर्व मंत्री गोरधनभाई झडफिया ने अपने भाषण में देश भर में सरदार एकता यात्रा के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।