नई दिल्ली, 5 मार्च। भारत में महिलाओं द्वारा नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी नौकरियों के लिए किए जाने वाले आवेदनों में पिछले एक साल के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीतिक और शीर्ष प्रबंधन (टॉप मैनेजमेंट) पदों के लिए महिलाओं के आवेदन सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़े हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अपना डॉट सीओ द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों के लिए महिलाओं के आवेदनों में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब महिला नौकरी तलाशने वाली उम्मीदवार सिर्फ शुरुआती स्तर की नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि संगठन के उच्च पदों और रणनीतिक भूमिकाओं में भी अवसर तलाश रही हैं।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि महिलाओं में स्थिर नौकरी की मांग बढ़ रही है। फुल-टाइम नौकरियों के लिए किए गए आवेदन सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि पार्ट-टाइम नौकरियों के लिए आवेदन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही फ्रेशर्स यानी नए उम्मीदवारों के आवेदन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अनुभवी पेशेवरों के 11 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के लिए विशेष रूप से जारी की गई टॉप मैनेजमेंट और रणनीतिक पदों की नौकरियों में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों पर महिलाओं की भर्ती में 57 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा प्रोजेक्ट और प्रोग्राम मैनेजमेंट से जुड़े पदों के लिए महिलाओं के आवेदन लगभग दोगुने हो गए हैं।
राष्ट्रीय श्रम आंकड़ों में भी इसी तरह का रुझान दिखाई देता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के ताजा त्रैमासिक बुलेटिन के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के दौरान महिला श्रम भागीदारी दर बढ़कर 33.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले तिमाही में 33.4 प्रतिशत थी। इसी दौरान महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया, जबकि कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत रह गई।
तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स से जुड़े पदों के लिए आवेदन में 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत और क्वालिटी एश्योरेंस में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं प्रोडक्ट मैनेजमेंट से जुड़ी नौकरियों के लिए आवेदन 62 प्रतिशत बढ़े हैं।
अपना के जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट, कंप्लायंस और स्किल-आधारित पदों के लिए बढ़ते आवेदन ये दिखाते हैं कि भारत के श्रम बाजार में महिलाओं की भूमिका अब केवल अवसर पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालना चाहती हैं।
भौगोलिक स्तर पर देखा जाए तो, टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी आवेदन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि टियर-1 शहरों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-1 शहरों में सबसे ज्यादा सालाना वृद्धि नोएडा में लगभग 14 प्रतिशत रही। वहीं टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंदौर में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके विपरीत टियर-2 और टियर-3 शहरों में सूरत में लगभग 3 प्रतिशत और टियर-1 शहरों में मुंबई में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।