पटना, 1 मार्च। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर विपक्षी दलों की राह आसान नहीं दिख रही है। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रविवार की शाम सात बजे संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है, जिसमें राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार को लेकर चर्चा होगी।
राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने नई दिल्ली से पटना लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रविवार शाम संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है और उसी में सब कुछ तय हो जाएगा। इस क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वे स्वस्थ रहें। बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के भी राज्यसभा उम्मीदवार बनने की चर्चा है, जबकि कुछ दिन पहले राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने राज्यसभा के लिए पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना साहेब को उम्मीदवार बनाने की मांग की थी।
बिहार एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी पार्टी किसी को समर्थन देने के बजाय खुद अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी।
दरअसल, इस चुनाव में एआईएमआईएम बड़ी भूमिका में नजर आएगी। पार्टी के पांच विधायक हैं। इसके समर्थन के बिना विपक्ष के किसी उम्मीदवार को जीत दर्ज करना आसान नहीं है।
बता दें कि 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इसके आधार पर, एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकती है। चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन अगर मुकाबला होता है, तो पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी।
विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी।