चेन्नई, 1 मार्च। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों में राजनीतिक पार्टियां जुट गई हैं। विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की विश्वासपात्र रहीं वी.के. शशिकला ने नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर दी है। उन्होंने अम्मा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एडीएमके) नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी बनाई है। जिसे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले टीटीवी दिनाकरण की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के लिए एक नई चुनौती माना जा रहा है।
वी.के. शशिकला ने नई पार्टी की घोषणा रामनाथपुरम में जयललिता की जयंती के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में की। राजनीति में फिर से वापसी करते हुए शशिकला ने पार्टी का झंडा जारी किया। जिस पर एआईएडीएमके के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन, जयललिता और पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई की तस्वीर है। उनके ऐसा करने से संकेत है कि शशिकला नई पार्टी को द्रविड़ विरासत से मजबूती से जोड़ना चाहती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी का नाम, जो एआईएडीएमके की मूल पहचान से काफी मिलता-जुलता है, जयललिता के समर्थक आधार से फिर जुड़ने और राजनीतिक रूप से प्रभावित हुई 'अम्मा' ब्रांड को फिर स्थापित करने का एक सुनियोजित प्रयास का संकेत है।
सूत्रों के अनुसार, शशिकला दक्षिणी जिलों में 20 से अधिक प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी कर रही हैं। जहां मुक्कुलाथोर समुदाय, जिसमें थेवर, कल्लर और अगमदयार समूह शामिल हैं, उनका चुनावी प्रभाव काफी अधिक है। माना जा रहा है कि उनकी रणनीति इस वोट बैंक को साधने पर केंद्रित है।
खबरों के मुताबिक, शशिकला उन निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने के विकल्प पर विचार कर रही हैं, जहां एएमएमके के चुनाव लड़ने की संभावना है, जिससे सीधे चुनावी टकराव की स्थिति बन सकती है। इस विधानसभा चुनाव में एडीएमके के माध्यम से शशिकला का नया राजनीतिक अभियान नए समीकरणों को जन्म देगा। उनके चुनावी मैदान में आने से राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में विपक्षी वोट बंटने की संभावना बढ़ जाएगी।