नई दिल्ली, 18 फरवरी। जब युवा गांधी जी भारत आए, तो उनमें उत्साह तो था, लेकिन भारत की जमीनी हकीकत की समझ कम थी। यह गोपाल कृष्ण गोखले ही थे, जिन्होंने गांधी जी को वह मंत्र दिया, जिसने आगे चलकर अंग्रेजों की नींव हिला दी।
उन्होंने गांधी जी से कहा, "अगले एक साल तक अपनी आंखें खुली रखो, लेकिन मुंह...