नई दिल्ली, 3 मार्च। मुंहफट मिजाज, शायरी और विरोधाभासी व्यक्तित्व के लिए मशहूर रघुपति सहाय, उर्फ फिराक गोरखपुरी, उर्दू के महान शायर थे। उनकी शायरी में दर्द और मोहब्बत के साथ जिंदगी का दर्शन भी झलकता था। वह सिविल सेवा छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए और उर्दू शायरी को नई दिशा दी। उनकी शायरी...