भोपाल 19 फरवरी (आईएएनएस) मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने राज्य विधानसभा में मोहन यादव सरकार द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट को अज्ञानी बजट करार दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य को कर्ज का ब्याज चुकाने पर हर साल 27 हजार करोड़ रुपए खर्च करना पड़ रहा है।
दरअसल बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान (ज्ञान) के संकल्प में राज्य सरकार ने इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई को भी शामिल किया है।
वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के इस बजट को ज्ञानी कहा गया है । राज्य सरकार के इस बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का बजट ज्ञानी नहीं अज्ञानी है।
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार पर 5 लाख करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है। चालू वित्त वर्ष में ही 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक कर्ज लिया गया। कर्ज का ब्याज चुकाने में ही सरकार को हर साल 27 हजार करोड रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश देश की झूठ की राजधानी बन गया है, राज्य का बुरा हाल है।
इससे पहले राज्य विधानसभा में बजट को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान के संकल्प में मध्य प्रदेश सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई को भी शामिल किया है।
वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है, जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है।