'अब आम आदमी की जेब में AI!' PM मोदी ने देखा फीचर फोन पर 'सर्वम AI' का धमाकेदार डेमो

पीएम मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एचएमडी फीचर फोन पर देखा सर्वम एआई का डेमो


नई दिल्ली, 19 फरवरी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एचएमडी इंडिया ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भारतीय स्टार्टअप सर्वम एआई के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की।

इस सहयोग का उद्देश्य सर्वम पर्सनल असिस्टेंट को नोकिया फीचर फोन और एचएमडी डिवाइस में शामिल करना है, ताकि स्मार्टफोन का उपयोग न करने वाले करोड़ों लोगों तक भी उन्नत एआई सुविधाएं पहुंच सकें।

एचएमडी इंडिया और एपीएसी के वाइस प्रेसिडेंट और सीईओ रवि कुंवर ने कहा कि यह कंपनी के लिए गर्व का क्षण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने फीचर फोन पर स्वदेशी एआई क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।

उन्होंने कहा कि सर्वम के साथ यह साझेदारी एआई को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं, बल्कि फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले लाखों उपभोक्ताओं को भी स्थानीय और सहज एआई अनुभव मिल सकेगा।

कंपनी ने बताया कि आने वाले महीनों में एआई से लैस फीचर फोन के कई मॉडल बाजार में उतारे जाएंगे, जिसका उद्देश्य एआई को वास्तव में समावेशी बनाना है, ताकि देश के हर वर्ग तक इसकी पहुंच हो सके।

समिट के दौरान एक खास आकर्षण सर्वम एआई की तकनीक का लाइव डेमो था, जिसे एचएमडी नोकिया फीचर फोन पर दिखाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रदर्शन को देखा। डेमो में रियल-टाइम स्पीच रिकग्निशन, अनुवाद और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी सुविधाएं 10 भारतीय भाषाओं में प्रदर्शित की गईं।

खास बात यह रही कि ये सभी सेवाएं बिना इंटरनेट कनेक्शन के सुचारु रूप से काम कर रही थीं, जिससे ऑन-डिवाइस एआई तकनीक की मजबूती सामने आई।

यह साझेदारी समिट की थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य तकनीक को जनकल्याण के लिए उपयोग में लाना है। सरवम एआई की तकनीक इंडियाएआई मिशन के तहत विकसित की जा रही है और यह भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता पर विशेष ध्यान देती है।

स्थानीय भाषाओं में वॉयस आधारित एआई सेवाएं उपलब्ध कराकर यह पहल डिजिटल खाई को पाटने की कोशिश कर रही है।

इस तकनीक के जरिए यूजर्स अपनी पसंदीदा भाषा में केवल आवाज के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, दैनिक कार्यों का प्रबंधन कर सकेंगे और डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।

इस पहल को देश में समावेशी एआई नवाचार की दिशा में एक नया मानक माना जा रहा है। साथ ही यह भारत को उभरते हुए वैश्विक एआई नेता के रूप में मजबूत करने में भी मदद करेगा।
 

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