केसी त्यागी के बयान से जदयू ने बनाई दूरी, राजीव रंजन बोलें- हमारी नीति से मेल नहीं खाते उनके बयान

केसी त्यागी के बयान से जदयू ने बनाई दूरी, राजीव रंजन बोलें- हमारी नीति से मेल नहीं खाते उनके बयान


पटना, 10 जनवरी। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बिहार और देश की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने जदयू नेता केसी त्यागी के बयान, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार में कथित अंदरूनी कलह, और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी।

सबसे पहले केसी त्यागी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने साफ कहा कि केसी त्यागी के हाल के कई बयान सामने आए हैं, लेकिन ये पार्टी की आधिकारिक सोच या नीति को नहीं दर्शाते।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केसी त्यागी के बयान पूरी तरह से निजी हैं और इन्हें पार्टी के रुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

राजीव रंजन ने आगे कहा कि यह भी एक सच्चाई है कि पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता यह तक नहीं जानते कि केसी त्यागी इस समय पार्टी में सक्रिय भी हैं या नहीं। इससे साफ है कि उनके बयान व्यक्तिगत राय हैं और पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। नीतीश कुमार के राजनैतिक और सामाजिक जीवन को आधार बनाते हुए पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनके लिए भारत रत्न देने की मांग की थी। त्यागी ने अपने पत्र में लिखा था कि चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को इस उपाधि से नवाजा गया था। नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस विचार का स्वागत करते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार को भारत रत्न दिया जाता है तो यह 'बहुत बढ़िया' होगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में मांझी ने लिखा, "भारत रत्न नीतीश कुमार जी... ये शब्द सुनकर कितना अच्छा लगेगा, है ना? हमें पूरा भरोसा है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो अपने फैसलों से सबको चौंकाने के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने का फैसला करके सबको चौंका देंगे।"

वहीं, दूसरी ओर राजद प्रमुख लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू प्रवक्ता ने कहा कि लालू परिवार के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और अब यह खुली टकराव की स्थिति में बदलता दिख रहा है।

उन्होंने दावा किया कि हाल की घटनाओं से यह साफ है कि तेजस्वी यादव के खिलाफ परिवार के भीतर ही विरोध उभर रहा है। इस अंदरूनी विरोध में संजय यादव और रमीज जैसे नाम भी सामने आ रहे हैं।

उन्होंने आशंका जताई कि लालू परिवार में बड़ा विभाजन हो सकता है। चूंकि राजद एक परिवार आधारित पार्टी है, इसलिए इस तरह का पारिवारिक टकराव पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर भी गहरा असर डाल सकता है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईडी की कार्रवाई के खिलाफ किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी जदयू ने कड़ा रुख अपनाया। राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अब हिसाब-किताब का समय आ गया है। ममता बनर्जी की वापसी अब मुश्किल नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार टकराव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के मन में यह शंका है कि मामला सिर्फ एक छोटी गड़बड़ी का है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सच छिपा है। उन्होंने ममता बनर्जी के हालिया विरोध प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक बताया।
 

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