'कांग्रेस 'इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस' बन चुकी है', मणिशंकर अय्यर के बयान पर शहजाद पूनावाला का पलटवार

'कांग्रेस 'इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस' बन चुकी है', मणिशंकर अय्यर के बयान पर शहजाद पूनावाला का पलटवार


नई दिल्ली, 11 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस पार्टी को घेरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान और आतंकवादियों के साथ खड़ी रही है। कांग्रेस की एक ही पहचान है, पाकिस्तान का गुणगान करना और भारतीय सेना का अपमान करना।

शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "गांधी परिवार के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक माने जाने वाले मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को रोका जाना चाहिए और पाकिस्तान के साथ बिना किसी रुकावट के बातचीत शुरू की जानी चाहिए।" पूनावाला ने कहा कि आज कांग्रेस 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' नहीं, बल्कि 'इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस' बन चुकी है।

भाजपा प्रवक्ता ने याद दिलाया कि यह वही कांग्रेस पार्टी है, जिसने 26/11 के बाद पाकिस्तान को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' का दर्जा दिया। अनेकों आतंकी हमलों के बावजूद कांग्रेस ने एक भी बार पाकिस्तान पर कोई हमला नहीं किया। पूनावाला ने कहा, "26/11 के बाद भारतीय वायुसेना ने कहा कि हमला करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने उसे नकारा। पी. चिदंबरम ने भी बताया कि कैसे अंतरराष्ट्रीय दबाव में कांग्रेस ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। कांग्रेस ने उल्टे 26/11 के लिए पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश की।"

उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' को 'खून की दलाली' कहा। वे 'ऑपरेशन सिंदूर' को विफल बताते हैं। अब गांधी परिवार के इशारे पर मणिशंकर अय्यर ने फिर से पाकिस्तान के लिए पैरवी की है और 'ऑपरेशन सिंदूर' का मखौल उड़ाया है।"

'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर शहजाद पूनावाला ने कहा, "हजार साल पहले सोमनाथ मंदिर पर बाहरी लोगों ने कई बार हमला किया और उसे बार-बार तोड़ने की कोशिश की। हालांकि, मंदिर, भारत की शाश्वत संस्कृति और आस्था की नींव कोई भी आक्रांता हजारों सालों में नहीं हिला पाया है। इसलिए आज हम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहे हैं।"

इसी बीच कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "हजार साल पहले इन आक्रांताओं ने जिस मानसिकता प्रदर्शन किया, उसी मानसिकता से आज कांग्रेस ग्रसित है। जवाहरलाल नेहरू ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का विरोध किया। अपनी कैबिनेट के सदस्यों को सोमनाथ आने से रोकने के लिए हर प्रयास किए गए। यहां तक कि सोमनाथ ट्रस्ट को नदियों का पानी लाने से भी इनकार किया गया। ये उस समय की मानसिकता को दर्शाता है कि तुष्टिकरण के कारण सोमनाथ का विरोध और आज भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर को अपमानित करने का काम कांग्रेस करती है।"
 

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