नई दिल्ली, 14 फरवरी। महाराष्ट्र के मालेगांव में डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मालेगांव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में यह तस्वीर लगाए जाने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
इसी क्रम में भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि देश में टीपू सुल्तान जैसे आक्रांताओं का सम्मान निंदनीय और चिंताजनक है।
इस विवाद पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश में कुछ लोग टीपू सुल्तान और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं की प्रशंसा करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “आज भी भारत में ऐसे विवादित लोगों को सम्मान दिया जा रहा है। देश के अंदर आक्रांताओं की पूजा की जा रही है, जो चिंताजनक है।”
आरपी सिंह ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को यह समझना चाहिए कि वे संविधान की शपथ लेकर कार्य करते हैं और उनके कार्यालयों में ऐसे प्रतीकों का प्रदर्शन संदेश देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करती हैं।
वहीं, ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग अंग्रेजों की विरासत से जुड़ी इमारतों के प्रतीकों को लेकर भावनात्मक हैं, वे केवल नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की ही बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक अंग्रेजों के शासन के दौरान बनाए गए थे, जबकि आज 140 करोड़ भारतीयों की सेवा के लिए ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ जैसी पहल की जा रही है। उनके अनुसार, इन स्थानों से देशहित में नीतियां बनाने की नई शुरुआत होगी। उन्होंने इसे स्वतंत्रता के बाद लिया गया एक महत्वपूर्ण और स्वागतयोग्य निर्णय बताते हुए कहा, “देर आए, लेकिन दुरुस्त आए।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का पता अब बदल गया है। 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई, जहां महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया। सरकार का मानना है कि ये कदम औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर हटकर आधुनिक, भारतीय जनभावना के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करेंगे। सेवा तीर्थ में आधुनिक सुविधाएं, डिजिटल एकीकरण और बेहतर समन्वय की व्यवस्था है, जो देश की प्रगति और विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी।