नई दिल्ली, 13 फरवरी। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्व आईआरएस अधिकारी प्रताप सिंह को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान और आगामी आम चुनाव की निगरानी के लिए स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया है।
निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 की धारा 13सीसी के तहत प्रताप सिंह को आयोग के नियंत्रण, निरीक्षण और अनुशासन के अधीन विशेष पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करना होगा।
स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में उनका मुख्य कार्य तमिलनाडु में चल रहे एसआईआर की प्रक्रिया पर नजर रखना, चुनाव की तैयारियों का निरीक्षण करना और आयोग को आवश्यक सुझाव देना होगा। प्रताप सिंह को समय-समय पर राज्य का दौरा करना होगा और चुनाव आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि प्रताप सिंह को तमिलनाडु के सीईओ के सहयोग से सभी आवश्यक सुविधाएं और प्रोटोकॉल प्रदान किए जाएंगे।
साथ ही, उन्हें यह निर्देश भी दिया गया है कि स्पेशल ऑब्जर्वर के रूप में रहते हुए किसी भी चुनाव संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत प्रशंसा पत्र नहीं दिया जाएगा। यदि उन्हें लगता है कि किसी अधिकारी की प्रशंसा की जानी चाहिए, तो इसके लिए आयोग को पूर्ण कारण सहित प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इस नियुक्ति के साथ ही प्रताप सिंह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण समाप्त हो गया है, 17 फरवरी को राज्य की मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की देखरेख में किए गए इस संशोधन अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का मतदाता डेटाबेस सटीक, समावेशी और त्रुटियों से मुक्त हो।
अंतिम रूप दिए जाने के बाद मतदाता सूची में तमिलनाडु में लगभग 5.65 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के शामिल होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 34 लाख लोगों ने अपने नाम में बदलाव के लिए आवेदन जमा किए। इनमें पहली बार मतदान करने वाले, निवास स्थान बदलने वाले और नाम, पता या फोटो जैसी व्यक्तिगत जानकारी में सुधार चाहने वाले अन्य लोग शामिल थे।