उत्तराखंड : केंद्रीय बजट में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की घोषणा से कुमाऊं मंडल में जगी नई उम्मीद

उत्तराखंड : केंद्रीय बजट में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की घोषणा से कुमाऊं मंडल में जगी नई उम्मीद


नैनीताल, 13 फरवरी। केंद्र सरकार के हालिया केंद्रीय बजट 2026-27 में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने की प्रमुख घोषणाओं ने उत्तराखंड, विशेषकर कुमाऊं मंडल में नई उम्मीद जगाई है। यह घोषणा उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष महत्व रखती है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, स्वच्छ हवा और शांत वातावरण पहले से मौजूद हैं। नैनीताल-भवाली क्षेत्र को हेल्थ टूरिज्म हब बनाने की संभावनाएं मजबूत हो गई हैं।

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए राज्यों को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने की योजना की घोषणा की। ये हब एकीकृत स्वास्थ्य परिसर होंगे, जहां मेडिकल, एजुकेशनल, और रिसर्च सुविधाएं एक साथ होंगी। इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर, और रिहैबिलिटेशन की व्यवस्था होगी। इससे डॉक्टरों और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह ने आईएएनएस को बताया, "कुमाऊं में मेडिकल टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। भवाली में ब्रिटिश काल का प्रसिद्ध सेनोटेरियम अस्पताल एक समय टीबी और अन्य बीमारियों के प्रमुख उपचार केंद्र था। दूर-दूर से मरीज यहां इलाज कराने आते थे। अब यह जर्जर हालत में है। यदि इसका जीर्णोद्धार कर आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाए, तो स्थानीय लोग दिल्ली या बरेली जाने से बचेंगे।"

जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया, "मेडिकल टूरिज्म और सामान्य पर्यटन का समन्वय उत्तराखंड के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। राज्य की बेहतर एयर क्वालिटी (एक्यूआई), ऑर्गेनिक फूड और प्राकृतिक हीलिंग पर्यावरण मरीजों के रिकवरी में सहायक होंगे। भवाली सेनोटेरियम और रामजे अस्पताल जैसे संस्थान टीबी, रेस्पिरेटरी और अन्य क्रॉनिक बीमारियों के इलाज में उपयोगी बन सकते हैं।"

उन्होंने जोड़ा कि आयुष केंद्र, योग, होम-स्टे, लोकल संस्कृति और वेलनेस एक्टिविटीज को जोड़कर मरीजों को 'हीलिंग विद हॉस्पिटैलिटी' का अनोखा अनुभव मिलेगा।

बजट में वीजा प्रक्रिया सरल बनाने, सिंगल विंडो सुविधा और विदेशी मरीजों के लिए आसान पहुंच पर भी जोर है, जो उत्तराखंड जैसे पर्यटन-प्रधान क्षेत्रों को फायदा पहुंचाएगा। यदि नैनीताल-भवाली को इन क्षेत्रीय हब्स में शामिल किया जाए या विशेष प्रोजेक्ट मिले, तो यहां विश्वस्तरीय अस्पताल, रिहैब सेंटर और वेलनेस रिसॉर्ट विकसित हो सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, होटल-हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बूस्ट और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
 

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