बेंगलुरु, 11 फरवरी। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री एम.पी. रेणुकाचार्य ने कहा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा देश के प्रधानमंत्री के लिए “कायर” शब्द का इस्तेमाल करना सभी भारतीयों का अपमान है।
बुधवार को बेंगलुरु स्थित भाजपा कार्यालय ‘जगन्नाथ भवन’ में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने मांग की कि सिद्धारमैया इस मामले में देश से माफी मांगें और 140 करोड़ देशवासियों से क्षमा याचना करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भी सिद्धारमैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “जनसंहारक” कहा था और जनता ने ऐसे बयानों के लिए उन्हें चुनाव में जवाब दिया था।
रेणुकाचार्य ने कहा, “सिर्फ कुर्सी के लिए आप सोनिया गांधी, अपरिपक्व राजनेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने झुकते हैं। क्या आप जैसे अनुभवी नेता को इस तरह का व्यवहार शोभा देता है?”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे डरकर नहीं भागे थे। कांग्रेस पार्टी ने अपनी महिला सदस्यों के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की थी। लोकसभा अध्यक्ष की सलाह पर प्रधानमंत्री ने उस समय भाग नहीं लिया। उन्होंने सवाल किया, “क्या आप इस तरह की भाषा इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि आपकी जुबान फिसल जाती है?”
उन्होंने कहा, “सत्ता के मुद्दे पर आप इस तरह की बातें करते हैं। सिद्धारमैया को सत्ता में आए तीन साल हो गए, आपकी उपलब्धि क्या है? इस तरह की भाषा बोलकर कांग्रेस पार्टी ने देश में अपनी पहचान खो दी है।”
रेणुकाचार्य ने कहा, “क्या आज एक चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री नहीं है?” उन्होंने कहा कि एक समय ‘इंदिरा इज इंडिया’ कहा जाता था, लेकिन अब कांग्रेस का न कोई ठिकाना है और न भविष्य।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया का साथ छोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आप प्रधानमंत्री मोदी की ताकत की बात करते हैं। इस देश के समझदार मतदाताओं ने आपकी पार्टी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने तक का मौका नहीं दिया। क्या अमेरिका के राष्ट्रपति ने टैरिफ कम नहीं किए? यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा, “पहलगाम हमला हुआ तो क्या लोगों को हिंदू या मुस्लिम पूछकर गोली नहीं मारी गई? जवाबी कार्रवाई में कम समय में आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकत है।”
रेणुकाचार्य ने कहा, “सिद्धारमैया, आप वरिष्ठ राजनेता हैं, मुझे आपका सम्मान है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करने के लिए आपको बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वीबी-जी राम जी योजना को लेकर गलत सूचना फैलाई जा रही है। यह योजना लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने राज्यपाल से गलत बयान दिलवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब केवल तीन राज्यों में सत्ता में है।
गौरतलब है कि हाल ही में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के पारंपरिक जवाब के बिना पारित होने के बाद सिद्धारमैया ने इसे “कायरता का कृत्य” करार दिया था।