तिरुवनंतपुरम, 11 फरवरी। केरल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार ने एक अहम कल्याणकारी पहल के तहत ‘महिला सुरक्षा पेंशन योजना’ की शुरुआत की है। इसे आने वाले महीनों में राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए जानकारी दी कि राज्य स्तरीय उद्घाटन के दो घंटे के भीतर ही 10,18,042 लाभार्थियों के खातों में 1,000 रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई। उन्होंने कहा कि इतनी तेज भुगतान प्रक्रिया सरकार की प्रशासनिक तैयारी और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस योजना के तहत 35 से 60 वर्ष आयु वर्ग की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और ट्रांस महिलाओं को, जो किसी अन्य सामाजिक कल्याण पेंशन योजना के दायरे में नहीं आती हैं, प्रति माह 1,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह योजना उन वर्गों की वित्तीय असुरक्षा को दूर करने के उद्देश्य से लाई गई है, जो अब तक मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहे हैं।
मुख्यमंत्री विजयन ने इस पहल को ‘महिला-केंद्रित न्यू केरल’ के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताया है। सरकार का कहना है कि आर्थिक निर्भरता अक्सर महिलाओं को चुप रहने के लिए मजबूर करती है, ऐसे में यह पेंशन योजना उनकी गरिमा को मजबूत करने और आर्थिक असुरक्षा को कम करने में मदद करेगी। योजना के साथ “यह राज्य आपके साथ खड़ा है” का संदेश भी दिया गया है।
यह कदम जेंडर बजटिंग, कुदुंबश्री के विस्तार, महिलाओं के अनुकूल सार्वजनिक स्थानों का निर्माण, समान वेतन के उपाय और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण जैसे पहले से लागू कार्यक्रमों की कड़ी में देखा जा रहा है। सरकार ने लाइफ मिशन और स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचे के विस्तार को भी अपने कल्याण-आधारित शासन मॉडल के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया है।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस योजना का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लाखों प्रत्यक्ष लाभार्थियों और उनके परिवारों तक पहुंच बनाने के साथ एलडीएफ को उम्मीद है कि वह अपने सामाजिक गठबंधन को और मजबूत कर सकेगी।
अप्रैल/मई में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ‘महिला सुरक्षा पेंशन योजना’ एलडीएफ के लिए सामाजिक पहल के साथ-साथ एक प्रमुख चुनावी मुद्दा भी बन सकती है।