केरल में सतीशन का बड़ा दावा: विजयन सरकार से 'अच्छे कम्युनिस्ट' भी खो रहे भरोसा, क्या टूट रहा वाम दुर्ग

केरल: विपक्ष के नेता सतीशन का दावा, विजयन के नेतृत्व वाली सरकार से दूर हो रहे लेफ्ट समर्थक


कन्नूर, 9 फरवरी। विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को कहा कि अब सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि “अच्छे कम्युनिस्ट और वामपंथी समर्थक” भी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार से भरोसा खो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि कवि सच्चिदानंदन की हालिया टिप्पणियां केरल में मौजूदा जनभावना को साफ तौर पर सामने लाती हैं। सतीशन ने यह बातें थलास्सेरी में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की पुथुयुगा यात्रा का नेतृत्व करते हुए सतीशन ने कहा कि जो लोग लंबे समय से वामपंथ का समर्थन करते आ रहे थे, वे अब मानने लगे हैं कि सीपीआई(एम) को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी और सरकार दोनों ही वामपंथी राजनीति से पूरी तरह हटकर दक्षिणपंथी रास्ते पर चली गई हैं। सतीशन ने सीपीआई(एम) पर राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण फैलाने के लिए भाजपा जैसी रणनीति अपनाने का आरोप भी लगाया।

सतीशन ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय खुद को पहले से कहीं ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) संसदीय चुनावों के दौरान अल्पसंख्यकों को खुश करने की कोशिश करती है और चुनाव के बाद बहुसंख्यकों को साधने में लग जाती है, जिसका नतीजा यह हुआ है कि पार्टी ने दोनों वर्गों का भरोसा खो दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पूरी तरह भ्रम की स्थिति बनी हुई है, और जो लोग दशकों तक वामपंथ के साथ खड़े रहे हैं, वे इस सच्चाई को अच्छी तरह समझते हैं।

सबरीमाला सोने की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए वीडी सतीशन ने कहा कि भगवान अयप्पा के चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप में सीपीआई (एम) के तीन नेता पहले ही जेल में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले की जांच आगे बढ़ी तो पार्टी के और नेताओं को भी जेल जाना पड़ सकता है।

सतीशन ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में शामिल लोगों को बचाने के लिए विशेष जांच टीम पर दबाव बना रही है। उन्होंने बताया कि यह चोरी साल 2019 में हुई थी, जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सत्ता में थे। सतीशन ने कहा कि उस समय सरकार द्वारा नियुक्त किए गए दो देवास्वोम बोर्ड अध्यक्ष भी इस मामले में जेल में बंद लोगों में शामिल हैं।

कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश की उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ एक तस्वीर को लेकर हुई पूछताछ पर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि विपक्ष को अडूर प्रकाश से पूछताछ किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने मांग की कि इसी तरह की तस्वीरों के आधार पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से भी पूछताछ की जानी चाहिए।

सतीशन ने पुथुयुगा यात्रा के दौरान जनता से बातचीत में सामने आए मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि संकट गहराता जा रहा है, जंगली जानवरों के हमले बढ़ रहे हैं, कताई मिलें बंद हो रही हैं, मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल रही है और केआईएनएफआरए, राजमार्गों व हवाई अड्डा परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण के मामलों को सुलझाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है।

उन्होंने कहा कि यूडीएफ इन सभी क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक नीतियों का दस्तावेज पेश करेगा। इसमें कोझिकोड में जारी किया जाने वाला स्वास्थ्य विजन दस्तावेज भी शामिल होगा, जिसमें उन समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे जिन पर मौजूदा सरकार विफल रही है।
 

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