नई दिल्ली, 10 फरवरी। देश की राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते अपराधों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीते 24 घंटों में दिल्ली में छह लोगों की हत्या होने का दावा करते हुए ‘आप’ ने कहा कि भाजपा शासन में दिल्ली पूरी तरह असुरक्षित हो गई है और आम लोग दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिन-दहाड़े, सरेआम हो रही हत्याएं इस बात का सबूत हैं कि दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के बावजूद केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर कोई असर नहीं पड़ रहा, मानो राजधानी में कोई सरकार ही नहीं है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन है, लेकिन गृह मंत्री चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं और पुलिस कमिश्नर जनता के प्रतिनिधियों से मिलने तक को तैयार नहीं हैं। ऐसे में दिल्ली की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
उन्होंने मंगोलपुरी की एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र करते हुए बताया कि दसवीं कक्षा का एक छात्र स्कूल से लौटते समय हमले का शिकार हो गया। उस पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला किया गया, जो उसके सिर के आर-पार हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी तरह त्रिलोकपुरी में मोबाइल चार्ज करने से मना करने पर दुकानदार को बीच बाजार पीट-पीटकर मार डाला गया। मोतीनगर इलाके में भी डेढ़ घंटे के भीतर दो हत्याएं होने की बात सामने आई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली को पहले नशे की राजधानी बनाया गया और अब नशे की वजह से अपराध की राजधानी बनती जा रही है। पुलिस की मौजूदगी में नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है और इसके पीछे एक पूरा भ्रष्ट तंत्र काम कर रहा है।
वहीं, ‘आप’ की पूर्व विधायक राखी बिड़लान ने कहा कि मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, बवाना, जहांगीरपुरी, त्रिलोकपुरी और कोंडली जैसे इलाकों में रोजाना औसतन चार से छह हत्याएं होना आम बात हो गई है।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच 800 से ज्यादा बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें 200 से अधिक नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। राखी बिड़लान ने पुलिस पर पीड़ित परिवारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई मामलों में न तो एफआईआर की कॉपी दी जाती है और न ही जांच की जानकारी।
‘आप’ नेताओं ने केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और दिल्ली पुलिस से मांग की कि वे चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर राजधानी की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जहां माता-पिता अपने बच्चों को बिना डर के स्कूल भेज सकें और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।