चंडीगढ़, 8 फरवरी। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने रविवार को वांछित अपराधियों को पकड़ने पर केंद्रित 72 घंटे के अभियान 'ऑपरेशन प्रहार-2' की घोषणा की।
इस दौरान डीजीपी के साथ विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला, एडीजीपी (नशीली दवाओं के खिलाफ टास्क फोर्स) नीलाभ किशोर और खुफिया प्रमुख सुखचैन सिंह गिल भी थे। डीजीपी ने मीडिया को बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार' के परिणामस्वरूप 72 घंटों में 3,256 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 69 हथियार बरामद किए गए।
डीजीपी ने कहा कि 'ऑपरेशन प्रहार-2' सोमवार से शुरू होकर बुधवार तक चलेगा और अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।
"गैंगस्टर ते वार" अभियान के 20 दिनों के परिणामों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने राज्य भर में 17,603 छापेमारी करके गैंगस्टरों और उनसे जुड़े अपराधियों सहित 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 128 हथियार बरामद किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 2,973 लोगों के खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि 5,413 लोगों को सत्यापन के बाद पूछताछ करके उन्हें रिहा कर दिया गया। साथ ही, 344 घोषित अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया गया है।
सभी झूठी खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक वैध अभियान है और पुलिस केवल अपराध में वांछित व्यक्ति को ही गिरफ्तार करेगी।
राज्य भर में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाने और अपराध नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने के लिए, डीजीपी ने कहा कि परिचालन तैयारियों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्तों को सभी महत्वपूर्ण अपराध स्थलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा करने, जांच की निगरानी करने और जघन्य अपराधों का पता लगाने में सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।