साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं! अमित शाह करेंगे CBI की नई ब्रांच का उद्घाटन, धोखाधड़ी के इकोसिस्टम पर वार

अमित शाह सीबीआई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे, साइबर धोखाधड़ी इकोसिस्टम को खत्म करने पर फोकस


नई दिल्ली, 9 फरवरी। केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार को नई दिल्ली में 'साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और इकोसिस्टम को खत्म करना' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य भाषण देंगे। इस अवसर पर वे सीबीआई की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन करेंगे, सीबीआई अधिकारियों के अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे और गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) का एस4सी डैशबोर्ड लॉन्च करेंगे।

यह सम्मेलन 10-11 फरवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आई4सी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के तेज डिजिटल परिवर्तन ने बैंकिंग, शासन और संचार में अभूतपूर्व सुधार लाए हैं, लेकिन इससे नई कमजोरियां भी उभरी हैं, जिनका फायदा संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क उठा रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य साइबर-सक्षम धोखाधड़ी के पैमाने, रुझानों और बदलते स्वरूप पर साझा समझ विकसित करना है।

सम्मेलन में साइबर-धोखाधड़ी इकोसिस्टम के तीन प्रमुख स्तंभों, वित्तीय स्तंभ (म्यूल अकाउंट और मनी लॉन्ड्रिंग), दूरसंचार स्तंभ (सिम/ई-सिम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दुरुपयोग) और मानव स्तंभ (साइबर गुलामी और स्कैम कंपाउंड में तस्करी) पर गहन चर्चा होगी। यह रोकथाम, जांच, प्रौद्योगिकी अपनाने, अंतर-एजेंसी समन्वय और पीड़ित-केंद्रित ढांचे को मजबूत करके एकीकृत रणनीति बनाने पर केंद्रित है।

सीबीआई 2000 से साइबर अपराधों की जांच कर रही है। 2022 में साइबर अपराध जांच प्रभाग की स्थापना के बाद इसकी क्षमताएं बढ़ी हैं। यह केंद्र सरकार से जुड़े साइबर-निर्भर अपराधों और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी की नोडल एजेंसी है। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग से जांच को तेज करने, रीयल-टाइम फंड ट्रेसिंग, तेज रिपोर्टिंग, सबूत संरक्षण और पीड़ित सुरक्षा पर फोकस रहेगा।

दो दिवसीय कार्यक्रम में केंद्रीय-राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां, दूरसंचार विभाग (डीओटी), वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), सार्वजनिक-निजी बैंक, सहकारी बैंक/नाबार्ड, फिनटेक कंपनियां, भुगतान प्लेटफॉर्म, दूरसंचार प्रदाता, सोशल मीडिया-क्लाउड मध्यस्थ, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि और नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे।

यह बहु-हितधारक भागीदारी 'पूरे इकोसिस्टम' दृष्टिकोण को मजबूत करेगी। सम्मेलन का अंतिम लक्ष्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, आपराधिक नेटवर्क को बाधित करना और भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास को और मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल इंडिया पहल के साथ यह प्रयास साइबर अपराधों के खिलाफ निर्णायक कदम साबित होगा। गृह मंत्री अमित शाह का मुख्य भाषण और लॉन्चिंग इस दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी।
 

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