कोझिकोड, 7 फरवरी। मुख्यमंत्री पी. विजयन ने शनिवार को कहा कि केरल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की स्थापना राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सबसे बेहतरीन और सराहनीय कदमों में से एक है।
सीएम स्वास्थ्य विभाग के तहत कोझिकोड के चेवायूर में बनाए जा रहे पहले अंग प्रत्यारोपण अस्पताल की आधारशिला रख रहे थे।
यह संस्थान अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया जा रहा है, ताकि अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी सभी गतिविधियां, सभी प्रकार की ट्रांसप्लांट सर्जरी एक ही स्थान पर की जा सकें।
अस्पताल में हर साल लगभग 1,100 कॉर्निया, 520 किडनी, 320 लिवर, 15 आंतों, 15 पैंक्रियास, 50 हृदय, 40 फेफड़े, 120 बोन मैरो और 300 सॉफ्ट टिशू/उंगली/हाथ/हड्डी/चेहरे के प्रत्यारोपण का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंग प्रत्यारोपण अस्पताल अपने आप में एक अनोखा संस्थान बनेगा, जिसकी कोई बराबरी नहीं होगी। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, अंग प्रत्यारोपण सर्जरी बहुत जरूरी हो गई है।
निजी अस्पतालों में इन सर्जरियों का खर्च बहुत ज्यादा होता है और एक ही सर्जरी का खर्च अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग होता है। कई परिवारों के लिए इतना खर्च उठाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों ने ऐसे अस्पताल की स्थापना का सुझाव दिया था।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना समय पर पूरी होगी और इसे सफल बनाने के लिए सभी वर्गों के सहयोग की अपील की।
स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि यह दिन केरल के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राज्य सरकार ने इस अहम जरूरत को समझते हुए चेवायूर में केरल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन स्थापित करने का फैसला किया।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही एक योजना की घोषणा करेगी, जिसके तहत प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को देश में सबसे कम कीमत पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह अस्पताल चेवायूर स्किन डिजीज हॉस्पिटल परिसर में 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इसका निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण की लागत 299 करोड़ रुपए होगी। उपकरणों के लिए अतिरिक्त 99 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
पहले चरण में अस्पताल में आईसीयू और एचडीयू सुविधाओं सहित 350 बेड, एक डायलिसिस केंद्र और 10 ऑपरेशन थिएटर होंगे।
यहां 14 विशेष विभाग और डिवीजन होंगे और पूरी इमारत आठ मंजिलों में बनाई जाएगी।
यह संस्थान प्रत्यारोपण के क्षेत्र में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण और शोध केंद्र के रूप में भी काम करेगा, जहां 31 शैक्षणिक पाठ्यक्रम चलाने की योजना है। अस्पताल का निर्माण केआईआईएफबी के फंड से किया जा रहा है।