अंकिता हत्याकांड और महिला सुरक्षा पर खुशबू पाटनी ने कही बड़ी बात, बताया नारी सशक्तीकरण का सही मतलब

अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा पर खुशबू पाटनी ने कही बड़ी बात, बताया नारी सशक्तिकरण का सही मतलब


मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड की सियासत को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, उत्तराखंड सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है।

अब खुशबू पाटनी ने लड़कियों को खुद की रक्षा खुद करने का हौसला दिया है और कहा कि ये दुनिया नहीं बदलने वाली, सिर्फ केस बदलते रहेंगे।

आर्मी अफसर रहीं खुशबू पाटनी अक्सर सोशल मीडिया पर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के वीडियो पोस्ट करती हैं। अब उन्होंने खुद की सुरक्षा खुद करने पर जोर दिया है और सरकार या प्रशासन के भरोसे न रहने के लिए कहा है। खुशबू ने सोशल मीडिया पर बैक-टू-बैक वीडियो पोस्ट किए।

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी हत्याकांड का केस बहुत दिखाया जा रहा है, क्योंकि सोशल मीडिया का जमाना है। ऐसा पहले भी होता था। पहले भी समाज लड़कियों के प्रति ऐसा था, लेकिन अब कुछ लड़कियों के मैसेज आ रहे हैं कि हमें डर लगता है। मेरा मानना है कि लड़के हमेशा गाड़ी में अपने साथ हॉकी या डंडे लेकर चलते हैं, तो हम लड़कियां क्यों नहीं?"

उन्होंने कहा कि नारी सशक्तीकरण का सही मतलब है नारी की शक्ति। भले ही सरकार कहे कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', लेकिन बची हुई बेटियों के साथ क्या हो रहा है। इसलिए खुद अपनी रक्षा करना सीखिए क्योंकि बुरे वक्त में खुद की ताकत ही काम आती है, सरकार और प्रशासन बाद में।

खुशबू ने आर्मी का किस्सा शेयर कर बताया कि हमें ट्रेनिंग के दौरान हमेशा सिखाया गया कि अपनी जरूरत का सामान खुद लेकर चलो। जब भी हम लंबी दौड़ पर जाते थे तो अपने खाने-पीने का सामान खुद लेकर जाते थे और सारी जरूरतों का सामान हमारे पास होता था, तो लड़कियों को किस बात का डर है? उन्हें भी अपने साथ कुछ नुकीली चीज या काली मिर्च का स्प्रे जरूर रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सके।

बता दें कि फिटनेस फ्रीक खुशबू पाटनी सोशल मीडिया पर लड़कियों को मोटिवेट करने के वीडियो पोस्ट करती हैं और सेल्फ डिफेंस के तरीके भी बताती हैं।
 
खुशबू जी ने कड़वी लेकिन सच्ची बात कही है। जब तक सिस्टम और समाज की मानसिकता बदलेगी, तब तक हम अपनी सुरक्षा को भाग्य के भरोसे नहीं छोड़ सकते। 'बेटी बचाओ' का नारा तभी सार्थक होगा जब बेटियां खुद को बचाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम होंगी। हर लड़की को सेल्फ डिफेंस और सेफ्टी टूल्स (जैसे पेपर स्प्रे) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ही होगा।
 

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