देश में ई-बसों का डिजिटल परिवर्तन! NCRTC ने 'स्मार्ट' शहरी परिवहन के लिए ITMS पर की अहम इंडस्ट्री चर्चा

देशभर में ई-बस संचालन को मिलेगी तकनीकी मजबूती, एनसीआरटीसी ने इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीटिंग की


नई दिल्ली, 6 फरवरी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत इंटेलिजेंट ट्रांजिट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) परियोजना को लेकर नई दिल्ली स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीटिंग का आयोजन किया। इस बैठक का उद्देश्य परियोजना के विभिन्न तकनीकी, परिचालन और कार्यान्वयन पहलुओं पर उद्योग जगत के प्रमुख भागीदारों के साथ संवाद स्थापित करना था।

एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने इस बैठक को संबोधित किया। उन्होंने आईटीएमएस परियोजना के विजन, इसके प्रभावी कार्यान्वयन और शहरी परिवहन को अधिक कुशल, पारदर्शी एवं यात्री-केंद्रित बनाने में आधुनिक तकनीक की अहम भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह परियोजना देश में सार्वजनिक परिवहन के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

बता दें कि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आईटीएमएस परियोजना के लिए एनसीआरटीसी को प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी के रूप में नामित किया है। आईटीएमएस परियोजना पीएम ई-बस सेवा योजना का एक केंद्रीय तकनीकी स्तंभ है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए एक एकीकृत और मजबूत डिजिटल बैकबोन तैयार करना है।

इस परियोजना के अंतर्गत एक व्यापक आईटीएमएस प्लेटफॉर्म का एंड-टू-एंड डेवलपमेंट और दीर्घकालिक संचालन प्रस्तावित है। इसमें आईटीएमएस एप्लिकेशन का विकास, एक केंद्रीय विजुअलाइजेशन सेंटर की स्थापना, 100 से अधिक शहरों में लगभग 10,000 इलेक्ट्रिक बसों के साथ पैन-इंडिया रोलआउट तथा 10 वर्षों तक सिस्टम का संचालन और रखरखाव शामिल है। एनसीआरटीसी ने इससे पहले देश के पहले दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के कार्यान्वयन के दौरान कई अत्याधुनिक और अपनी तरह की पहली तकनीकी समाधानों को सफलतापूर्वक विकसित और लागू किया है।

इन अनुभवों के चलते एनसीआरटीसी ने व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता अर्जित की है, जो इसे आईटीएमएस परियोजना के लिए एक सक्षम और भरोसेमंद भागीदार बनाती है। आईटीएमएस के प्रमुख मॉड्यूल में कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, इंसिडेंट मैनेजमेंट सिस्टम, यात्रियों के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, क्रू मैनेजमेंट सिस्टम और एक समर्पित वेबसाइट शामिल हैं। ये सभी मॉड्यूल मिलकर यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करेंगे।

कंसल्टेशन मीटिंग में इंडस्ट्री के बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। उन्होंने परियोजना के स्कोप, सिस्टम आर्किटेक्चर और एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क पर अपने सुझाव और दृष्टिकोण साझा किए। यह बैठक एक रचनात्मक और सहयोगात्मक संवाद का मंच बनी, जिससे स्पष्ट है कि आईटीएमएस परियोजना शहरी परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
 

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