नई दिल्ली, 6 फरवरी। राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने पीएम मोदी के भाषण पर प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने आईएएनएस से कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण धन्यवाद प्रस्ताव जैसा कम और भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रैली जैसा ज्यादा लग रहा था। उन्होंने कहा कि भाषण में बातें तो बहुत थीं, लेकिन किसी समस्या का समाधान नजर नहीं आया। सुखदेव भगत के मुताबिक, जहां तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए थी, वहां प्रधानमंत्री भावनात्मक बातें करते नजर आए।
'गांधी सरनेम' को लेकर प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने गांधी नाम चुराया नहीं है, बल्कि गांधी उनके रग-रग में बसे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो गोड्से की विचारधारा वाले हैं, उन्हें गांधी से स्वाभाविक तौर पर परहेज होगा।
नेटफ्लिक्स के 'घूसखोर पंडित' फिल्म नाम को लेकर चल रहे विवाद पर भी सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सबको है, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि किसी की भावनाएं आहत न हों। उन्होंने कहा कि फिल्म के निर्देशक द्वारा सफाई दिए जाने के बावजूद इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि समाज में किसी वर्ग को ठेस न पहुंचे।
वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 'घूसखोर पंडित' को लेकर कहा कि उन्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन अगर इससे किसी की भावनाएं जुड़ी हैं, तो उन्हें आहत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी रचनात्मक कार्य में संवेदनशीलता जरूरी है।
असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति द्वारा जहरीली भाषा का इस्तेमाल बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द समाज में तनाव पैदा करते हैं और इससे बचना चाहिए।