आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' में बरहवारा स्टेशन पर दो बच्चों को बचाया

आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' में बरहवारा स्टेशन पर दो बच्चों को बचाया


मालदा, 2 फरवरी। पश्चिम बंगाल के मालदा मंडल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बरहवारा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों ने सोमवार को दो नाबालिग बच्चों को सफलतापूर्वक बचाया।

मनीष कुमार गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, मालदा के मार्गदर्शन और आशिम कुमार कुल्लू, मंडलीय सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, मालदा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई। सामान्य गश्त के दौरान सुबह करीब 8:20 बजे आरपीएफ कर्मियों ने ट्रेन संख्या 15734 (फरक्का एक्सप्रेस डाउन) के आरक्षित कोच में एक तीन महीने का नाबालिग लड़का और एक आठ साल की नाबालिग लड़की को अकेला देखा।

दोनों बच्चे बिना किसी बड़े के साथ यात्रा कर रहे थे, जो खतरनाक स्थिति थी।

आरपीएफ टीम ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बच्चों की देखभाल की गई और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए बाल संरक्षण मंथन, बरहवारा (साहिबगंज) के हवाले कर दिया गया। इस तरह बच्चों को किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सका।

आरपीएफ का यह प्रयास मालदा मंडल में बाल सुरक्षा और यात्री सुरक्षा के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दिखाता है। 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे सुरक्षा बल देशभर में ट्रेनों और स्टेशनों पर भटकते या असुरक्षित बच्चों को बचाने का काम लगातार कर रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से बच्चों को तस्करी, शोषण या अन्य खतरों से दूर रखा जा सकता है।

यह घटना रेलवे कर्मियों की सतर्कता और जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण है। आरपीएफ की मुस्तैदी से मासूम बच्चों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,496
Messages
3,528
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top