गुजरात एटीएस का बड़ा खुलासा: एलोवेरा बताकर एटोमिडेट जैसे साइकोट्रोपिक ड्रग की अंतरराष्ट्रीय तस्करी, 3 अरेस्ट

गुजरात: एटोमिडेट की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का बड़ा भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार


गांधीनगर, 7 मार्च। गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने सूरत में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एटोमिडेट नामक साइकोट्रोपिक पदार्थ (एक एनेस्थेटिक दवा का मुख्य घटक) को एलोवेरा पाउडर बताकर फर्जी लेबल और दस्तावेजों से मलेशिया, थाईलैंड और नीदरलैंड्स भेजा जा रहा था। इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच तेज हो गई है।

एटीएस के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट हर्ष उपाध्याय को 6 मार्च 2026 की रात गुप्त सूचना मिली कि सरूत (सूरत) में कुछ लोग एटोमिडेट की तस्करी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एटीएस पुलिस अधीक्षक केके के मार्गदर्शन में टीम ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी एटोमिडेट पाउडर को एलोवेरा या अन्य हानिरहित उत्पादों का नाम देकर फर्जी बिल और कस्टम क्लियरेंस दस्तावेज तैयार कर मुंबई एयरपोर्ट के एयर कार्गो से विदेश भेज रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी धनकनुजभाई हरेभाई गढ़िया ने अपनी कंपनी के नाम पर 50 किलो एटोमिडेट पाउडर पर एलोवेरा पाउडर का गलत लेबल लगाकर मलेशिया में तीन लोगों को निर्यात किया। चेतनभाई कंभू ने 50 किलो एटोमिडेट को जिनोपोल-24 पाउडर बताकर मुंबई एयरपोर्ट से हवाई जहाज के जरिए मलेशिया और थाईलैंड भेजा। भौदित दामजीभाई पद्मिनी ने 2.5 किलो एटोमिडेट को एलोवेरा लेबल लगाकर मलेशिया और अन्य जगहों पर भेजा।

ये पार्सल फेडेक्स जैसे कूरियर से भेजे गए थे। कस्टम्स कमिश्नर और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सूचना देने पर पार्सल जब्त कर लिए गए। रमन स्पेक्ट्रोग्राफी जांच में पुष्टि हुई कि यह प्रतिबंधित एटोमिडेट पाउडर है। एटोमिडेट भारत में साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के शेड्यूल II, मलेशिया में पॉइजन एक्ट के ग्रुप बी और सिंगापुर में मिसयूज ऑफ ड्रग्स एक्ट के क्लास सी ड्रग के तहत आता है। इसका दुरुपयोग नशीले पदार्थों में बढ़ रहा है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मलेशियाई कार्टेल के सदस्य चुआ जी जुआन जैसे लोग इसमें शामिल थे। प्रत्येक किलो की कीमत 4000 से 5000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 3.3 से 4.2 लाख रुपए) थी। कुल जब्त मात्रा से करोड़ों की तस्करी का अनुमान लगाया जा सकता है।

एटीएस ने 7 मार्च 2026 को तीनों को सरूत से गिरफ्तार किया। मामला भारतीय दंड संहिता की धाराओं 336(2), 336(3), 338, 340(2), 350(1) और संबंधित एनडीपीएस/साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। आरोपी धनकनुजभाई हरेभाई गढ़िया (उम्र 28, कतारगाम, सरूत), चेतनभाई कंभू (आनंदियारा सोसायटी, मोटा रछा) और भौदित दामजीभाई पद्मिनी (संस्कृत अरनेवी रोड, अमरोली) हैं।

एटीएस टीम में डी.डी. राहेर, डी.एन. भारदाद, बी.आर. जडेजा और एसओजी शामिल थे। जांच में अन्य संदिग्धों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की तलाश जारी है। विदेशी एजेंसियों से सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि एयर कार्गो के जरिए साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी बढ़ रही है और ऐसी गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। इस कार्रवाई से तस्करी नेटवर्क पर बड़ा झटका लगा है।
 

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