गुजरात : ‘वस्त्र प्रसाद’ की पहल से सोमनाथ की अनेक स्थानीय महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

202601093632352.jpeg


गांधीनगर, 9 जनवरी (आईएएनएस)। प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ महादेव के सान्निध्य में जीव मात्र का कल्याण हो रहा है। सोमनाथ दादा के दिव्य आशीष से सोमनाथ की स्थानीय महिलाएं रोजगार प्राप्त कर नारी सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सोमनाथ महादेव मंदिर में अमानती घर (क्लॉक रूम) से लेकर आकाश में लहराती ध्वजा तक और बिल्व वन से लेकर वस्तु प्रसाद तक, सभी कार्यों के संचालन में मंदिर ट्रस्ट द्वारा केवल स्थानीय महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है।
भगवान सोमनाथ की पावन भूमि से आस्था, नारी सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर भारत का एक नया अध्याय लिखा गया है। यहां महादेव को अर्पित किया जाने वाला पीतांबर अब केवल आस्था का प्रतीक भर नहीं रहा, बल्कि सोमनाथ दादा के वस्त्र अब ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का एक मजबूत माध्यम बन गए हैं। श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक अनोखी पहल के अंतर्गत इन पवित्र वस्त्रों से कलात्मक और आकर्षक कुर्ते तैयार किए जाते हैं, जो महादेव का प्रसाद बनकर देश और दुनिया के शिव भक्तों तक पहुंचते हैं। इस पहल के माध्यम से सोमनाथ के आसपास के गांवों की महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।

श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘नारी शक्ति’ को ‘राष्ट्र शक्ति’ बनाने का ओजस्वी मार्गदर्शन इस पहल में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित होता है। यह पहल सोमनाथ ट्रस्ट के सामाजिक दायित्व की गहरी परंपरा का ही एक विस्तार है, जिसमें इससे पूर्व भी श्री सोमनाथ महादेव और माता पार्वती के शृंगार में उपयोग में लिए जाने वाले पवित्र वस्त्रों को हजारों जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया है। जब महादेव का ये वस्त्र प्रसाद किसी व्यक्ति तक पहुंचता है, तब उसके साथ एक अनमोल संदेश यह भी जाता है कि वह कभी अकेला नहीं है, क्योंकि ‘सबके नाथ सोमनाथ’ उसके साथ हैं।

आत्मा, परमात्मा और आत्मीयता की इस भावना को आगे बढ़ाते हुए ट्रस्ट ने आस्था को आत्मनिर्भरता के साथ जोड़ा है। श्री सोमनाथ ट्रस्ट ने धार्मिक और आधुनिक बिंदुओं का अद्भुत संगम करके प्रधानमंत्री की ‘लखपति दीदी’ की उस संकल्पना को साकार किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की सालाना आय को एक लाख रुपए से अधिक करना है। इस पहल के जरिए आस्था के धागों पर बुना जा रहा है आत्मनिर्भरता का वस्त्र।

स्थानीय महिलाएं महादेव को श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए पीतांबर को बहुत ही कलात्मक तरीके से भव्य वस्त्र प्रसाद के रूप में परिवर्तित कर रही हैं। इन कुर्तों की विशेषता केवल उनका पवित्र मूल ही नहीं है, बल्कि उनकी आधुनिक डिजाइन भी है। रंग-बिरंगे, डिजाइनर कॉलर और डमरू, त्रिशूल एवं शिखर सहित तमाम शिव-तत्वों से जुड़ी विशेष बैक प्रिंट के साथ तैयार किए गए ये कुर्ते आज के दौर के फैशन ट्रेंड से मेल खाते हैं।

सोमनाथ के निकट स्थित गांवों की महिलाएं, जो इस पहल के साथ जुड़ी हैं, उनके चेहरे पर एक नया आत्मविश्वास है। वे कहती हैं,''दादा सोमनाथ के दिव्य आशीष से आज हम घर की चौखट को पार कर खुद की मेहनत से आत्मनिर्भर बनी हैं। पहले घरेलू कामकाज तक ही सीमित रही हमारी पहचान आज हमारे हाथों से बने कुर्तों के साथ भगवान का आशीर्वाद बनकर देश के कोने-कोने तक पहुंच गई है, केवल इस ख्याल से ही मन गर्व से भर उठता है।''

श्री सोमनाथ ट्रस्ट की यह वात्सल्य रूपी योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि अनेक महिलाओं द्वारा निर्मित यह वस्त्र प्रसाद केवल स्थानीय बाजारों तक ही सीमित न रहे। ट्रस्ट की वेबसाइट द्वारा सुदृढ़ वितरण प्रणाली के जरिए ये आकर्षक कुर्ते दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों और दुनिया के हर कोने में बैठे भक्तों तक पहुंच रहे हैं। इससे न केवल इन महिलाओं की आय में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, बल्कि उनकी कला और मेहनत को एक राष्ट्रीय मंच भी मिला है।

श्री सोमनाथ ट्रस्ट ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाता है।

--आईएएनएस

एसके/एएस
 

Similar threads

Forum statistics

Threads
950
Messages
1,028
Members
13
Latest member
Jay
Back
Top