तिरुवनंतपुरम, 31 जनवरी। भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला जाना है। टी20 विश्व कप से पहले दोनों ही टीमों के लिए अपनी कमियों को दूर करने और अपनी तैयारियों को पुख्ता करने का यह आखिरी मौका है। शुरुआती 3 मैच सीरीज अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम को चौथे मैच में हार का सामना करना पड़ा था। आखिरी मैच में टीम इंडिया फिर से जीत की पटरी पर लौटने के इरादे से उतरेगी।
पांचवें टी20 की भारतीय प्लेइंग इलेवन में ईशान किशन के लौटने की संभावना है, लेकिन सबकी नजरें अपने होम ग्राउंड पर पहला मैच खेलने जा रहे संजू सैमसन पर होंगी। संजू पिछले 4 मैचों में असफल रहे हैं। आखिरी मैच संजू के लिए भी फॉर्म में लौटने और अपनी क्षमता एक बार फिर से साबित करने के लिए आखिरी मौके की तरह है।
शुक्रवार को ग्रीनफील्ड स्टेडियम में संजू का क्रेज था। दर्जनों पत्रकार और टीवी क्रू अपने होमटाउन हीरो को एक्शन में देखने के लिए स्टेडियम में जमा हो गए। फैंस भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
सैमसन टॉप ऑर्डर में लौटने के बाद से अपनी टाइमिंग ढूंढने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें तेज गेंदबाजों को खेलने में टाइमिंग संबंधी दिक्कत आ रही है। आखिरी मुकाबले में वह बाएं हाथ के स्पिनर मिशेल सेंटनर की फेंकी एक तेज गेंद पर आउट हो गए थे। गेंद टर्न होकर बाहरी किनारे से टकराई और स्टंप्स से टकरा गई। शुक्रवार को अभ्यास सत्र के दौरान सैमसन ने अपनी तकनीकी खामियों को दूर करने की कोशिश की। सैमसन को विश्व कप से पहले इस आखिरी मौके का फायदा उठाना होगा, नहीं तो ईशान किशन उनके बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज प्राथमिकता में आगे निकल चुके हैं।
भारतीय टीम सीरीज जीत चुकी है। तिरुवनंतपुरम होम टाउन है। इसलिए संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने भी कहा, "संजू एक सीनियर खिलाड़ी हैं। वह बहुत प्रतिभाशाली हैं और लंबे समय से टीम में हैं। शायद उन्होंने हाल में उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बनाए हैं, लेकिन क्रिकेट का यही नेचर है। आप बड़े स्कोर बनाते हैं और फिर बुरे दौर से गुजरते हैं।"
सैमसन ने पिछले 4 मैचों में महज 40 रन बनाए हैं। अपने होम ग्राउंड में अपने प्रशंसकों के बीच उनके पास टीम में अपनी जगह बचाए रखने का पांचवां टी20 आखिरी मौका है।