पूर्वी चीन सागर में चीन की गैस खोज ड्रिलिंग गतिविधियों पर जापान ने जताया कड़ा विरोध और बढ़ाया कूटनीतिक दबाव

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नई दिल्ली, 8 जनवरी (आईएएनएस)। जापान ने पूर्वी चीन सागर में चीन द्वारा गैस खोज के लिए किए जा रहे कार्यों पर कड़ा विरोध जताया है। जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन जापान-चीन मध्य रेखा के अपने हिस्से में समुद्र में मोबाइल ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग कर रहा है, जिसे जापान ने गलत बताया है।

जापान सरकार ने बताया कि यह जानकारी तब सामने आई जब जापान कोस्ट गार्ड (जेसीजी) ने उन जहाजों की गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की।

माना जा रहा है कि चीन वहां नए गैस क्षेत्र की खोज के लिए खुदाई कर रहा है। इसके बाद जापान ने पिछले शुक्रवार को कूटनीतिक माध्यमों से चीन के सामने विरोध दर्ज कराया।

पूर्वी चीन सागर में जापान और चीन के विशेष आर्थिक क्षेत्र एक बीच की रेखा से अलग किए गए हैं। वर्ष 2008 में दोनों देशों ने यहां मिलकर गैस क्षेत्र विकसित करने पर सहमति व्यक्त की थी। जापान का कहना है कि चीन ने अपनी ओर कई ड्रिलिंग सुविधाएं स्थापित कर ली हैं, जिससे तनाव बढ़ गया है।

इस महीने की शुरुआत में चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने जापान को दोहरी उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। ये वे वस्तुएं होती हैं, जिनका इस्तेमाल आम कामों के साथ-साथ सैन्य कामों में भी किया जा सकता है। चीन ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर उठाया।

इस विवाद के बीच दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। नवंबर की शुरुआत में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा था कि अगर ताइवान पर हमला होता है, तो यह जापान की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। इस बयान पर चीन ने कड़ा विरोध जताया था।

इसके बाद जापान सरकार ने चीन के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले अपने छात्रों के लिए सुरक्षा नोटिस जारी करने की योजना की घोषणा की। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
 

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