शहजाद पूनावाला का आरोप: पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर देख TMC हिंसक, जनता ने तानाशाही से मुक्ति ठानी

पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर देखकर हिंसा पर उतरी टीएमसी : शहजाद पूनावाला


नई दिल्ली, 14 मार्च। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शनिवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को लाने का मन बना लिया है।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद मोदी अगर पश्चिम बंगाल में जनसभा का संबोधन कर रहे हैं, तो वह केवल जनसभा नहीं, बल्कि परिवर्तन और बदलाव का प्रतिबिंब है। पश्चिम बंगाल की जनता ने मन बना लिया है कि टीएमसी का मतलब 'तानाशाही, माफिया और कम्युनल' सरकार से छुटकारा पाना है।"

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "जब पीएम मोदी के साथ बंगाल की जनता इतनी भारी तादाद में चल रही है, तो इस जनादेश से घबराकर टीएमसी वही कर रही है, जो उसे आता है। हमारे कार्यकर्ता और जनता पर पत्थर बरसाए गए। यह वही टीएमसी है, जो कार्यकर्ताओं और लोगों को मौत के घाट उतारती है। यह वही टीएमसी है, जो अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं को संदेशखाली में प्रताड़ित करवाती है। यह वही पार्टी है, जो हिंसा पर उतारू होते-होते चुनाव आयोग की भी हाथ काट देगी। पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर दौड़ रही है, जिसके कारण टीएमसी सरकार हिंसा पर उतर आई है।"

उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "राहुल गांधी के परिवार का इतिहास है कि उन्होंने देश को मजहब, प्रांतों को भाषा और लोगों को जाति के आधार पर बांटा है। बांटने वाला परिवार आज फिर से जेन-जी में जेन-डी यानी जेनरेशन डिवाइड लाना चाहता है। यही कारण है कि राहुल गांधी आज कहते हैं कि डीयू की परीक्षा में जाति देखकर इंटरव्यू में फेल किया जाता है। राहुल गांधी को शायद पता नहीं है कि डीयू के प्रवेश परीक्षा में इंटरव्यू नहीं होता। वहां पर सीयूईटी स्कोर देखकर प्रवेश होता है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और किसी को भी किसी आधार पर रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। अब राहुल गांधी जेन-जी में आग लगाना चाहते हैं, क्योंकि यह वर्ग उन्हें नकार रहा है।"

पूनावाला ने मध्य-पूर्व में फैले तनाव को लेकर कहा, "मोदी हैं तो मुमकिन है। जब यूक्रेन-रूस का युद्ध शुरू हुआ, तो उस समय अगर यूक्रेन और रूस से बात करने की क्षमता किसी एक देश की थी, तो वह भारत की थी। भारत ईरान से भी बात कर सकता है और इजरायल व अमेरिका से भी बात कर सकता है। पीएम मोदी ने जो विश्वास कमाया है, यह उसी का प्रतिबिंब है कि आज भारत किसी का पक्ष न लेकर सिर्फ शांति का पक्ष लेता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ईरान और गल्फ के देशों से बातचीत हुई।"

उन्होंने कहा, "तेल और एलपीजी गैस की कमी नहीं है, जिसके लिए सरकार सारे प्रयास कर रही है। दुनियाभर में हम देख रहे हैं कि तेल और गैस के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं, लेकिन भारत में सारी स्थिति नियंत्रित है, लेकिन यह देखकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बहुत ही उदास हैं, और वे पैनिक क्रिएट कर रही हैं, जिससे उन्हें राजनीतिक फायदा पहुंच सके।"
 

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