कोलकाता रैली में मोदी के बयानों पर टीएमसी का पलटवार, भाजपा पर हिंसा-तोड़फोड़ का आरोप: PM ने उकसाया

टीएमसी नेताओं ने कोलकाता रैली में पीएम मोदी की टिप्पणियों की आलोचना की


कोलकाता, 14 मार्च। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने भाजपा पर तोड़‌फोड़ व हिंसा में लिप्त होने का आरोप लगाया।

रैली के तुरंत बाद ब्रात्या बसु, शशि पांजा और पार्टी सांसद सायनी घोष ने रविवार को तृणमूल भवन में एक आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ब्रात्या बसु ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा, "आज ब्रिगेड में बोलते समय पीएम ने जिस लहजे का इस्तेमाल किया, उसकी झलक गिरीश पार्क में साफ दिखाई दी। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मंत्री शशि पांजा के आवास पर कथित तौर पर की गई तोड़‌फोड़ अभूतपूर्व है। क्या यह हमला प्रधानमंत्री के शब्दों से प्रेरित होने के बाद किया गया था।"

उन्होंने कहा, "हमने किसी भी राज्य में ऐसा कोई उदाहरण नहीं देखा है जहां किसी मौजूदा मंत्री के आवास पर इस तरह से पत्थर, बोतलें और कांच के टुकड़े फेंके गए हों। ऐसे समय में जब ममता बनर्जी शांतिपूर्ण और धर्मनिरपेक्ष बंगाल का संदेश दे रही हैं, भाजपा ने चुनावों से ठीक पहले ऐसे कृत्यों का सहारा लिया है।"

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की रैली से पहले, उत्तरी कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में मंत्री शशि पांजा के आवास पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए। तृणमूल कार्यकर्ताओं का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री की रैली की ओर जाते समय यह घटना को अंजाम दिया। मंत्री ने आरोप लगाया कि इस घटना में उन्हें भी चोट आई।

हालांकि, भाजपा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने गिरीश पार्क से मार्च कर रहे उनके कार्यकर्ताओं पर ईंटें फेंकीं।

वहीं, मौके पर मौजूद शशि पांजा ने अपने अनुभव को बयां किया। उन्होंने कहा, "आज ब्रिगेड रैली में जाते समय भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मेरे आवास के ठीक सामने हंगामा किया। जब हमारे साथी बैनर लगा रहे थे, तभी भाजपा की टोपी पहने एक समूह जो एक बस में यात्रा कर रहा था, ने 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए हिंसा की।"

अपनी चोटों का जिक्र करते हुए शशि पांजा ने कहा, "मैं मंत्री हूं या सिर्फ एक महिला, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझ पर सीधे ईंट फेंकी गई और वह मेरे पेट पर लगी। मुझे पहले हुई सर्जरी वाली जगह पर चोट आई है। लोकतांत्रिक राजनीति में ऐसी हरकतों की कोई जगह नहीं है।"

इस घटना के मद्देनजर शशि पांजा ने रैली के दौरान प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। प्रधानमंत्री की "हिसाब बराबर करने" की चेतावनी का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "क्या किसी मंत्री पर हमला 'हिसाब बराबर करने' का एक उदाहरण है? क्या आप केवल भाजपा के प्रधानमंत्री हैं, या पूरे देश के।"

खबरों के मुताबिक तृणमूल के तीन कार्यकर्ता शुभम, सौविक और कृष्णा इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उनके सीने और सिर पर चोटें आई हैं।
 

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