बीआरएस का राहुल गांधी पर वार: तेलंगाना में दलबदल पर घेरा, संविधान और कानून पर दोहरा रवैया क्यों?

बीआरएस विधायक टी. हरीश राव ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, तेलंगाना में दलबदल पर उठाए सवाल


नई दिल्ली, 13 मार्च। तेलंगाना की राजनीति में दलबदल के मुद्दे को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक टी. हरीश राव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस पर संविधान और दलबदल विरोधी कानून को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

पत्र में कहा गया है कि राहुल गांधी देशभर में यह कहते रहे हैं कि वे संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संसद, सार्वजनिक सभाओं और राजनीतिक अभियानों में भी वे बार-बार दावा करते हैं कि कांग्रेस पार्टी का मुख्य उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना है। कांग्रेस के 2024 के चुनावी घोषणापत्र में भी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और दलबदल विरोधी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने का वादा किया गया था।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि तेलंगाना में जो हो रहा है, वह इन दावों के बिल्कुल विपरीत दिखाई देता है। इसमें कहा गया है कि दानम नागेंद्र, जो भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के टिकट पर विधायक चुने गए थे, उन्होंने बाद में लोकसभा चुनाव कांग्रेस के आधिकारिक बी-फॉर्म पर लड़ा।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह कोई अफवाह या अटकल नहीं है, बल्कि सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज तथ्य है। इसके बावजूद तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर कह रहे हैं कि दलबदल का कोई सबूत नहीं है।

इस पर सवाल उठाते हुए पत्र में कहा गया है कि अगर किसी अन्य पार्टी के विधायक का कांग्रेस के बी-फॉर्म पर चुनाव लड़ना भी दलबदल का प्रमाण नहीं माना जाएगा, तो फिर देश को यह जानने का अधिकार है कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत आखिर दलबदल का प्रमाण क्या माना जाए?

पत्र में बताया कि वे तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस विधायक दल के उपनेता हैं और उन्होंने इस मामले में पहले ही स्पीकर को पत्र लिखकर सभी तथ्य दर्ज कराए हैं तथा दलबदल विरोधी कानून के तहत तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि उनका आरोप है कि संविधान की रक्षा करने के बजाय तेलंगाना की कांग्रेस सरकार राजनीतिक दलबदल को बचाने और मतदाताओं के जनादेश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

पत्र में कहा गया है कि दलबदल विरोधी कानून का उद्देश्य ऐसे ही राजनीतिक अवसरवाद को रोकना है। यदि कोई विधायक एक पार्टी के टिकट पर चुना जाए और दूसरी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़े, फिर भी उसकी सदस्यता बनी रहे, तो यह संविधान की भावना के साथ अन्याय है।

पत्र में राहुल गांधी से सीधे सवाल किया गया है कि क्या वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को सलाह देंगे कि वे दानम नागेंद्र के खिलाफ दलबदल कानून के तहत तुरंत कार्रवाई करें?

साथ ही यह भी कहा गया कि देश के लोग ईमानदार जवाब चाहते हैं, क्योंकि संविधान की रक्षा केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाकर ही की जा सकती है, खासकर तब, जब वह राजनीतिक रूप से असुविधाजनक हो।
 

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