जल जीवन मिशन: बकाया फंड के लिए स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तुरंत जारी करने की लगाई गुहार

तमिलनाडु सीएम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, जल जीवन मिशन की बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग


चेन्नई, 13 मार्च। जल जीवन मिशन के संबंध में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से योजनाओं को पूरा करने के लिए बकाया राशि तुरंत जारी करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु राज्य के सभी हिस्सों में सुरक्षित और सुनिश्चित पेयजल उपलब्ध कराने में लगातार सबसे आगे रहा है। राज्य ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसके अंतर्गत 1.25 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 1.12 करोड़ घरों (90 प्रतिशत) को 'फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शंस' (एफएचटीसी) प्रदान किए गए हैं। इस संबंध में, हम इस मिशन के दायरे को बढ़ाने और इसके लिए आवंटित राशि में वृद्धि करने के केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हैं।

सीएम ने बताया कि जल जीवन मिशन (जेजेएम) के पहले चरण में राज्य ने 45 नई 'मल्टी विलेज स्कीम्स' (एमवीएस), 56 'रेट्रोफिटिंग सीडब्ल्यूएसएस' और 21,258 'सिंगल विलेज स्कीम्स' (एसवीएस) का कार्य हाथ में लिया, जिनकी कुल लागत 8,123 करोड़ रुपये थी। सभी एसवीएस और 101 एमवीएस तथा रेट्रोफिटिंग योजनाओं में से 92 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष 9 एमवीएस कार्यान्वयन के उन्नत चरणों में हैं।

हालांकि, भारत सरकार द्वारा जेजेएम के तहत अपने हिस्से के रूप में केवल 5,914 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं, जिससे 3,112 करोड़ रुपये की राशि अभी भी बकाया है। वर्ष 2024–25 के दौरान तमिलनाडु के लिए 2,434 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 732 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं और सितंबर 2024 के बाद से कोई भी धनराशि प्राप्त नहीं हुई है।

सीएम स्टालिन ने कहा, " कार्यों की प्रगति को बनाए रखने और उन्हें समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु सरकार ने जेजेएम के तहत चल रहे कार्यों के खर्च को पूरा करने हेतु राज्य के संसाधनों से 2,550 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि पहले ही जारी कर दी है। इसलिए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप हस्तक्षेप करें और चल रही जल जीवन मिशन योजनाओं को पूरा करने के लिए 3,112 करोड़ रुपये की बकाया राशि तुरंत जारी करें।

उन्होंने बताया कि होगेनक्कल चरण-III संयुक्त जल आपूर्ति योजना को जेआईसीए की सहायता से एक बाहरी सहायता प्राप्त परियोजना के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इस योजना को जल शक्ति मंत्रालय की राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति द्वारा 15 जून 2023 को कुल 8,428 करोड़ रुपये की लागत पर मंजूरी दी गई थी, जिसमें भारत सरकार का जेजेएम के तहत 2,283 करोड़ रुपये का हिस्सा शामिल है।

सीएम ने बताया कि राज्य ने जेजेएम के तहत सहायता के आश्वासन के आधार पर प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया था। हालांकि, पेयजल और स्वच्छता विभाग ने हाल ही में संकेत दिया है कि मिशन के विस्तार की मंजूरी लंबित होने के कारण, फिलहाल केंद्रीय सहायता प्रदान नहीं की जा सकती है। इस महत्वपूर्ण परियोजना से इस चरण में सहायता वापस लेने से कृष्णागिरी और धर्मपुरी जिलों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति की संभावनाओं पर काफी बुरा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, "जल जीवन मिशन का विस्तार करने के भारत सरकार के हालिया निर्णय को देखते हुए, मैं अनुरोध करता हूं कि होगेनक्कल चरण-III सीडब्ल्यूएसएस के लिए सहमति और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, ताकि राज्य जेआईसीए ऋण समझौते के साथ आगे बढ़ सके। इसके अलावा, हमने 7,590 करोड़ रुपये की कुल लागत पर 10 नई बहु-ग्राम योजनाओं का प्रस्ताव रखा है, जिनमें डिंडीगुल, नामक्कल, तिरुचिरापल्ली, करूर, तिरुवल्लूर, पुदुकोट्टई, मयिलादुथुराई, तेनकासी, थूथुकुडी, तिरुप्पुर और इरोड जैसे जिले शामिल हैं।"

उन्होंने पीएम मोदी से अनुरोध करते हुए कहा कि तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत इन नई एमवीएस योजनाओं को मंजूरी दी जाए। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि भारत सरकार तमिलनाडु की ग्रामीण आबादी के लिए सतत और समान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु अपना निरंतर सहयोग प्रदान करती रहेगी।
 

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