मुंबई, 13 मार्च। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली। दोनों मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
सुबह 11:40 पर, सेंसेक्स 706 अंक या 0.93 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,334 और निफ्टी 240 अंक या 1.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,398 पर था।
अब तक के कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल, डिफेंस, ऑटो और पीएसयू बैंक कर रहे थे। इन सेक्टर्स से जुड़े सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट है।
बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट की वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को माना जा रहा है, जो कि फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के कारण डब्ल्यूटीआई क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
वैश्विक बाजार में लगातार हो रही गिरावट भी भारतीय बाजारों में नकारात्मक सेंटीमेंट को बढ़ावा दे रही है। एशिया में सोल, टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के साथ सभी प्रमुख बाजार नकारात्मक खुले थे और अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह है। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। अब तक मार्च में एफआईआई 39,000 करोड़ रुपए से अधिक की बिकावली कर चुके हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपए पर लगातार बढ़ता दबाव भी गिरावट की एक वजह है। शुक्रवार के अब तक के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपए 0.23 पैसे की तेजी के साथ 92.60 पहुंच गया है, जो कि अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है।