नई दिल्ली, 13 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईंधन और गैस आपूर्ति को लेकर देश में बढ़ती चिंता पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने केंद्र सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर हालात सामान्य नहीं हैं और लोगों के बीच घबराहट साफ दिखाई दे रही है।
आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग पेट्रोल और गैस को लेकर कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। लोगों में डर का माहौल है, और यह डर पूरी तरह स्वाभाविक भी है।
उन्होंने कहा, "जमीनी स्थिति यह है कि लोग घबराए हुए हैं, लाइन में खड़े हैं और डर का माहौल है। यह डर इसलिए भी है क्योंकि कच्चा तेल उन्हीं क्षेत्रों से आता है जहां इस समय युद्ध चल रहा है।"
राम गोपाल यादव ने यह भी सवाल उठाया कि भारत अपनी जरूरत का बहुत कम कच्चा तेल खुद पैदा करता है। उन्होंने कहा, "हम घरेलू स्तर पर कितना उत्पादन करते हैं? हमारी अपनी उत्पादन क्षमता बहुत कम है, हमारे कुल उपभोग का 4–5 प्रतिशत भी नहीं।"
उन्होंने आगे कहा कि जिन इलाकों से तेल निकलता है, वहीं इस समय युद्ध हो रहा है और वहां से आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में अगर कोई यह कहे कि देश में किसी तरह की कमी नहीं होगी, तो यह पूरी तरह सच नहीं कहा जा सकता।
वहीं, दूसरी ओर उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। राम गोपाल यादव ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने चुनाव आयोग के प्रमुख से मुलाकात की थी।
सपा राज्यसभा सदस्य ने कहा कि लोगों की इस प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से कहा कि भले ही चुनाव आयोग की मंशा सही हो, लेकिन राज्यों में काम करने वाले अधिकारी कई बार अपने तरीके से फैसले लेते हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी जो अनियमितताएं पैदा करते हैं, तब तक इसका दोष चुनाव आयोग पर ही आएगा।
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर और एसडीएम के स्तर पर बीएलओ को बुलाकर निर्देश देते हैं कि कुछ नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।