नोएडा, 12 मार्च। गौतमबुद्धनगर के नोएडा सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली कंपनी में लगी भीषण आग की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी ने सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों का हालचाल जाना और उनके उपचार की व्यवस्था का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन से कहा कि सभी घायलों का इलाज पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। किसी भी मरीज को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से प्रत्येक घायल की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और उपचार की प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी लगाई जाए, ताकि सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिल सके।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और उपचार से जुड़ी हर जानकारी समय-समय पर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि घायलों के परिजनों को उनके मरीजों की स्थिति के बारे में नियमित रूप से जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि हादसे के बाद परिजनों में चिंता स्वाभाविक है, इसलिए उन्हें समय पर सही जानकारी मिलना बेहद जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की अनिश्चितता या परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस दौरान डीएम ने अस्पताल में मौजूद घायलों के परिजनों से भी बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सभी घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है और किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
गौरतलब है कि नोएडा सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली कंपनी में गुरुवार सुबह आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए थे। आग लगने के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और कई लोगों को धुएं तथा भगदड़ के कारण चोटें आई थीं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय राणा, पुलिस के अधिकारी और अस्पताल के अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।