पश्चिम एशिया में तनाव से चांदी की उड़ान, ₹5000 से ज्यादा का उछाल; सोने का क्या हाल?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कीमती धातुओं में उछाल; चांदी में 5,000 रुपए से ज्यादा की तेजी


मुंबई, 12 मार्च। बढ़ते वैश्विक तनावों के चलते घरेलू कमोडिटी बाजार में गुरुवार को कीमती धातुओं (सोने-चांदी) की कीमतों में तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जहां सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं चांदी की कीमतें शुरुआती गिरावट से उबरकर ऊपर पहुंच गईं। बाजार में निचले स्तर पर मजबूत खरीदारी के कारण चांदी में तेजी देखी गई।

खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 1.36 बजे) मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.22 प्रतिशत यानी 361 रुपए की तेजी के साथ 1,62,150 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। सोने ने दिन की शुरुआत 1,62,799 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर से की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 1,61,789 रुपए से ज्यादा था। हालांकि बाद में वैश्विक बाजार से कमजोर संकेत मिलने के चलते इसकी कीमतों में गिरावट देखी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार 1,56,000 से 1,57,000 रुपए का स्तर सोने के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बना हुआ है।

एक विश्लेषक के मुताबिक, जब तक सोने की कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि में तेजी का रुझान बरकरार रहेगा। अगर कीमत 1,65,000 रुपए से ऊपर मजबूती से निकलती है, तो यह 1,75,000 से 1,80,000 रुपए तक की नई तेजी को जन्म दे सकती है।

दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में सत्र के दौरान मजबूती देखने को मिली। एमसीएक्स पर खबर लिखे जाने तक मई डिलीवरी वाली चांदी 5,911 रुपए या 2.20 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,74,402 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

चांदी ने 2,69,212 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की थी, जो इसके पिछले बंद भाव 2,68,491 रुपए से थोड़ा ज्यादा था।

वहीं, वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,165.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि अप्रैल डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत गिरकर 5,171.40 डॉलर प्रति औंस पर रहे। वहीं स्पॉट सिल्वर लगभग स्थिर रहकर 85.82 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के चलते वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच बीते कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़त और मजबूत डॉलर के कारण भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 0.3 प्रतिशत गिरकर 92.3575 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

इससे पहले इसी सप्ताह रुपया 92.3475 के पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंचा था, जिसे गुरुवार को पार कर दिया गया।
 

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