श्रीनगर, 12 मार्च। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनसे मिलने पहुंचे हैं। बुधवार देर रात एक शादी समारोह में फारूक अब्दुल्ला पर हमला हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस हमले पर चिंता जताई और कहा कि यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गुरुवार सुबह अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के घर पहुंचे। गोलीबारी की घटना के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के आवास पर पहले से ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
वहीं, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "फारूक अब्दुल्ला साहब पर हुए गंभीर हमले के बारे में सुनकर हैरान हूं। यह जानकर राहत मिली कि वह सुरक्षित और ठीक हैं। उम्मीद है कि पुलिस इस सुरक्षा चूक की तह तक पहुंचेगी।"
इससे पहले, कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि यह गंभीर सुरक्षा चूक स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "फारूक अब्दुल्ला पर शादी समारोह में हुए जानलेवा हमले की खबर सुनकर गहरा आघात पहुंचा। यह गंभीर सुरक्षा चूक स्वीकार्य नहीं है। शुक्र है कि वह सुरक्षित हैं। इस घटना की पूरी और पारदर्शी जांच की जानी चाहिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।"
पीडीपी नेता वहीद उर रहमान पारा ने लिखा, "फारूक अब्दुल्ला पर हुए इस निंदनीय हमले के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। ऐसे अनुभवी नेता के खिलाफ हिंसा बिल्कुल मंजूर नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जाती है। उनकी सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना।"
हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने घटना की निंदा करते हुए कहा, "जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले की खबर चिंताजनक और निंदनीय है। यह जानकर राहत मिली कि वह बाल-बाल बच गए। कोई लोडेड हथियार लेकर उनके इतने करीब आया और उन पर गोली चलाई, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।"
बता दें कि फारूक अब्दुल्ला बुधवार को जम्मू में एक शादी समारोह में पहुंचे थे। उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी थे। समारोह में ही एक व्यक्ति ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए नजदीक जाकर फायरिंग की। गनीमत रही कि हमले के बाद गोली किसी भी नेता को नहीं लगी। हालांकि, बाद में आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया गया।